कटिहार बाढ़ में मातृत्व सुरक्षा का पहरा: बोट एम्बुलेंस से 1700 का इलाज और 453 गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर

कटिहार में बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूटने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने बोट क्लीनिक और बोट एम्बुलेंस से चिकित्सा सेवा शुरू कर दी है। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर बोट क्लीनिकों का निरीक्षण किया। कुरसेला, अहमदाबाद, मनिहारी और बरारी में 4 बोट क्लीनिक और 24 मेडिकल कैंप चल रहे हैं जिनसे 1700 से अधिक लोगों का इलाज हुआ है।
गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी स्वास्थ्य विभाग की शीर्ष प्राथमिकता है और सितंबर-अक्टूबर में प्रसव के लिए आजमनगर में 165, बलरामपुर में 149, बरारी में 110 और अहमदाबाद में 29 गर्भवती महिलाओं की सूची बनी है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश है कि इन महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए। बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 2000 महिलाओं की जांच हुई और एनीमिया पीड़ित 21 हाई-रिस्क महिलाओं को एम्बुलेंस लाकर एफसीएम इंजेक्शन दिया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव
बाढ़ बीमारियों से निपटने के लिए सर्पदंश, एंटी-रेबीज इंजेक्शन, ब्लीचिंग पाउडर और हैलोजन टैबलेट बांटे जा रहे हैं। पीएचईडी के सहयोग से चापाकलों का शुद्धिकरण हो रहा है और आशा कार्यकर्ता लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दे रही हैं। जिला प्रशासन हर परिस्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के लिए सक्रिय है।