कटिहार में बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत: 2,892 किसानों को मिलेगा मुआवजा

बिहार के कटिहार जिले में बाढ़ और भारी जलजमाव के कारण फसलों का नुकसान झेल रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने मुआवजे की प्रक्रिया में राज्य में सबसे तेज कार्रवाई करते हुए 2,892 पात्र किसानों के आवेदनों को मंजूरी दे दी है। जल्द ही यह मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
जांच के बाद 2,892 आवेदन हुए स्वीकृत
कटिहार के प्राणपुर और अमदाबाद प्रखंडों में नदियों के फाटक खुलने और बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इस आपदा से प्रभावित किसानों ने कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर कुल 5,820 ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराए थे।
प्रशासन द्वारा की गई गहन और बहु-स्तरीय जांच के बाद, इनमें से 2,892 आवेदनों को पूरी तरह पात्र पाया गया है। इन सत्यापित रिपोर्टों को मुआवजे की राशि सीधे भेजने के लिए कृषि विभाग को ऑनलाइन भेज दिया गया है।
बिहार में सबसे तेज कार्रवाई करने वाला जिला बना कटिहार
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के नेतृत्व में कटिहार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कटिहार पूरे बिहार का पहला ऐसा जिला बन गया है, जिसने फसल क्षति से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर दिया है।
इस पूरी प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर समन्वय के साथ जांच पूरी की गई, जिसमें निम्नलिखित अधिकारी और कर्मी शामिल थे:
- किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक
- एटीएम (ATM) और बीटीएम (BTM)
- अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (SDAO)
- जिला कृषि पदाधिकारी (DAO)
- अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन)
बेहतरीन काम करने वाले कर्मी सम्मानित
समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सत्यापन कार्य पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने अपने कर्मियों की सराहना की है। संयुक्त कृषि भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
"जिला प्रशासन, कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग के बेहतर तालमेल से ही कटिहार राज्य स्तर पर अव्वल रहा है।" - फिरोज अख्तर, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन)
जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि निष्पक्ष आकलन और किसानों तक त्वरित आर्थिक सहायता पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसी टीम भावना के कारण यह कार्य इतनी तेजी से संपन्न हो सका है और किसानों को शीघ्र ही आर्थिक राहत मिल जाएगी।