कटिहार की विरासत पन्नों में होगी दर्ज, डाटा सुधार के लिए विभागों को मिली 14 दिन की मोहलत

कटिहार जिले के इतिहास, संस्कृति और विकास को संजोने के लिए जिला गजेटियर तैयार किया जा रहा है। इसी प्रगति को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में गजेटियर कमिटी की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से मिले आंकड़ों और ड्राफ्ट की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी अधिकारियों को डाटा में सुधार और अंतिम पांडुलिपि तैयार करने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है।
गजेटियर में इन बातों को शामिल करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गजेटियर में जिले के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और विकास से जुड़े पहलुओं का सही और नया विवरण होना चाहिए। सभी विभागों को अपने आंकड़ों की जांच कर सामान्य प्रशाखा में ड्राफ्ट जमा करने को कहा गया है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के मुख्य विकास कार्यों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता से दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
आम जनता से पुराने दस्तावेज और तस्वीरें देने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि गजेटियर को रोचक और समृद्ध बनाने में आम जनता की भूमिका अहम है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कटिहार के पुराने और ऐतिहासिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति या महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े पुराने दस्तावेज, तस्वीरें या लिखित साक्ष्य हों, तो उन्हें समाहरणालय की सामान्य प्रशाखा में जमा कराएं। इस बैठक में अपर समाहर्ता, वरीय उपसमाहर्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी और गजेटियर कमिटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।