कटिहार पॉलिटेक्निक की बड़ी छलांग: दो शाखाओं को मिलेगी वैश्विक पहचान

कटिहार राजकीय पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए NBA का तीन दिवसीय भौतिक सत्यापन संपन्न हुआ।

Ghazala Saheb1 November 20262 min read0 viewsBihar
कटिहार पॉलिटेक्निक की बड़ी छलांग: दो शाखाओं को मिलेगी वैश्विक पहचान

कटिहार के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के लिए यह एक गौरवशाली क्षण है। संस्थान की इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग शाखाओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) की तीन दिवसीय सघन भौतिक सत्यापन प्रक्रिया रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चले इस महत्वपूर्ण मूल्यांकन ने संस्थान के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की नींव रख दी है।

NBA टीम ने की शैक्षणिक गुणवत्ता की बारीकी से जांच

इस तीन दिवसीय मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान NBA की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने संस्थान का गहन निरीक्षण किया। इस टीम में एक चेयरमैन और दो ब्रांच एक्सपर्ट शामिल थे। विशेषज्ञों ने संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रयोगशालाओं की स्थिति, बुनियादी ढांचे और 'आउटकम बेस्ड एजुकेशन' (OBE) के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जांच की।

सत्यापन के अंतिम दिन आयोजित 'एनबीए एग्जिट मीटिंग' में विशेषज्ञों ने संस्थान की शिक्षण-अधिगम (टीचिंग-लर्निंग) प्रक्रिया को उत्कृष्ट बताया। टीम ने न केवल पढ़ाई के स्तर की सराहना की, बल्कि छात्र-छात्राओं के उच्च अनुशासन और उनके व्यवहार की भी विशेष प्रशंसा की। इसके साथ ही, संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

वैश्विक स्तर पर मिलेगी डिग्री की मान्यता

संस्थान के प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने इस पूरी प्रक्रिया के सफल समापन पर खुशी जाहिर करते हुए एनबीए टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों शाखाओं को मान्यता मिल जाती है, तो संस्थान की साख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी।

"दोनों शाखाओं को मान्यता मिलने से संस्थान की साख वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी। इससे उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं की डिग्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे उन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) और उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिकता हासिल होगी।" — डॉ. रवि कुमार, प्राचार्य

प्राचार्य ने इस उपलब्धि का श्रेय संस्थान के सभी शिक्षकों, विभागाध्यक्षों और कर्मियों के अथक परिश्रम और उनकी सामूहिक टीम भावना को दिया है।

टीम वर्क से मिली सफलता

तीन दिवसीय इस जटिल निरीक्षण को सुचारू रूप से संचालित कराने में संस्थान के एनबीए समन्वयक इंजी. चंदन शॉ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने तीनों दिनों तक एनबीए टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभिलेखों और प्रस्तुतियों का कुशल प्रबंधन किया।

विभागीय स्तर पर भी टीमों ने पूरी मुस्तैदी दिखाई:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग: विभागाध्यक्ष इंजी. अभिषेक मंकर के नेतृत्व में टीम ने लैब और पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेजों का सफल सत्यापन कराया।
  • मैकेनिकल विभाग: विभागाध्यक्ष इंजी. नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने सभी मानकों को पूरा किया।
  • अन्य सहयोग: प्रथम वर्ष के शिक्षकों ने शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया, जबकि इंजी. हिमांशु, इंजी. कुंदन और इंजी. सुजीत ने टीम प्रबंधन और आतिथ्य की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक संभाली।
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