कटिहार: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सिविल सर्जन सख्त, अधिकारियों को नोटिस

Ghazala Saheb1 October 20262 min read2 viewsBihar
कटिहार: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सिविल सर्जन सख्त, अधिकारियों को नोटिस

कटिहार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को सुधारने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सिविल सर्जन-सह-सचिव जितेंद्र नाथ सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में व्यवस्थाओं में खामी पाए जाने पर बारसोई एवं हल्का के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

लेबर रूम और स्वच्छता व्यवस्था पर अल्टीमेटम

सिविल सर्जन ने प्रसव कक्षों यानी लेबर रूम की स्थिति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि लेबर रूम में निम्नलिखित मानकों का पालन करना अनिवार्य है:

  • उच्चस्तरीय स्वच्छता: प्रसव कक्षों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
  • उपकरणों का रखरखाव: सभी उपकरणों की नियमित ऑटोक्लेविंग सुनिश्चित की जाए।
  • पर्याप्त रोशनी: कक्षों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था हो।
  • अपशिष्ट प्रबंधन: बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित और सही तरीके से निस्तारण किया जाए।
  • दस्तावेजीकरण: सभी आवश्यक अभिलेखों का संधारण सही ढंग से हो।

जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को तीन दिनों के भीतर आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, उपकरणों की उपलब्धता की पुष्टि के लिए फोटोग्राफ सहित अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) सौंपने को कहा गया है।

टीकाकरण और एनीमिया मुक्त भारत अभियान पर जोर

बैठक में टीकाकरण और एनीमिया मुक्त भारत जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सिविल सर्जन ने निर्देश दिया कि टीकाकरण सत्रों के दौरान एएनएम की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बीएचएम और बीसीएम को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने को कहा गया है ताकि उपकरणों और कर्मियों की उपलब्धता की जांच की जा सके।

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत:

  • पोर्टल पर शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग दर्ज की जाए।
  • आईएफए (IFA) गोलियों के स्टॉक और उनके वितरण की निरंतर समीक्षा हो।
  • एनीमिक गर्भवती महिलाओं को आवश्यकतानुसार एफसीएम (FCM) उपलब्ध कराया जाए।

इसके अलावा, परिवार नियोजन के तहत अस्थायी साधनों के वितरण और 'अंतरा' इंजेक्शन के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया।

युवा क्लीनिक और डेटा प्रविष्टि में सुधार के निर्देश

किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम को गति देने के लिए सिविल सर्जन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि डंडखोड़ा, कदवा, प्राणपुर एवं कुर्सेला में एक सप्ताह के भीतर युवा क्लीनिक का संचालन अनिवार्य रूप से शुरू कर दिया जाए।

डेटा प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। रूटीन इम्यूनाइजेशन की समीक्षा के दौरान यू-विन (U-WIN) और एचएमआईएस (HMIS) के आंकड़ों में अंतर पाया गया, जिसे तत्काल दुरुस्त करने और सही डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। सभी प्रोग्राम पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित क्षेत्र भ्रमण करें और जिला स्तरीय साप्ताहिक समन्वय बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

Share:

Comments

Leave a comment