कटिहार कृषि सखी प्रशिक्षण: अब प्राकृतिक खेती से समृद्ध होंगे किसान

कटिहार के केवीके में 5 दिवसीय कटिहार कृषि सखी प्रशिक्षण संपन्न। अब सखियां किसानों को सिखाएंगी प्राकृतिक खेती के उन्नत तरीके।

Ghazala Saheb31 October 20261 min read0 viewsBihar
कटिहार कृषि सखी प्रशिक्षण: अब प्राकृतिक खेती से समृद्ध होंगे किसान

कटिहार के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में आयोजित कटिहार कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को विधिवत समापन हो गया। पांच दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों में दक्ष बनाना है, ताकि वे किसानों और कृषि विभाग के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर सकें।

मिट्टी की सेहत और लागत घटाने पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मृणाल वर्मा ने मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण और खेती की लागत घटाने वाले प्राकृतिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत के निर्माण और उनके सही उपयोग के बारे में बताया।

इन तकनीकों से लैस हुईं कृषि सखियां

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए:

  • बीज उपचार और फसल विविधीकरण: विशेषज्ञ संजू कुमारी ने फसल उत्पादन में प्राकृतिक तकनीकों और उपलब्ध संसाधनों के कुशल उपयोग का प्रशिक्षण दिया।
  • कीटनाशक निर्माण: मास्टर ट्रेनर सत्य नारायण शर्मा ने प्राकृतिक खाद और कीटनाशक तैयार करने के व्यावहारिक पहलुओं को साझा किया।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम

समापन समारोह में जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रशिक्षित सखियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कृषि सखियों से आह्वान किया कि वे इस ज्ञान को गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि किसान रासायनिक खादों पर अपनी निर्भरता कम कर सकें।

रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है, जिसमें कृषि सखियों की भूमिका सबसे निर्णायक साबित होगी।
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