कटिहार के वृद्धाश्रम में लगा विधिक जागरूकता शिविर, बुजुर्गों और महिलाओं को मिला मुफ्त न्याय का भरोसा

कटिहार में 13 सितंबर को अनाथालय रोड स्थित गुंजन वृद्धाश्रम परिसर में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार कटिहार के सचिव सह अवर न्यायाधीश कमलेश कुमार सिंह देव के आदेश पर शनिवार को आयोजित हुआ। आश्रय गृहों में रहने वाली महिलाओं व वृद्धजनों के लिए न्याय की सुलभता विषय पर आयोजित इस शिविर में उपेक्षित व निराश्रित वृद्धजनों को उनके विधिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता के प्रति जागरूक किया गया।
कानूनी अधिकारों और योजनाओं की जानकारी
शिविर को संबोधित करते हुए डीएलएसए द्वारा प्रतिनियुक्त मुख्य न्यायरक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव एवं पैनल अधिवक्ता प्रियंका कुमारी ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाली महिलाएं और वृद्धजन समाज का अत्यंत संवेदनशील वर्ग हैं, जो प्रायः कानूनी अज्ञानता के कारण शोषण व उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार और अनुच्छेद 39ए के तहत प्रदत्त समान एवं निःशुल्क न्याय के प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ शरीयत के तहत पति की चल-अचल संपत्ति में महिलाओं के कानूनी अधिकारों, भरण-पोषण और सरकारी पेंशन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
स्थाई लोक अदालत और मध्यस्थता की उपयोगिता
कार्यक्रम में विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए नालसा द्वारा संचालित विशेष मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना 0.3 तथा स्थाई लोक अदालत की उपयोगिता समझाई गई। वक्ताओं ने बताया कि स्थाई लोक अदालत में जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े एक करोड़ रुपये तक के गैर-आपराधिक मामलों का सुलह के आधार पर त्वरित निपटारा किया जाता है, जबकि मध्यस्थता अभियान के जरिए पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा और धन वसूली जैसे मामलों को बिना अदालती उलझन के आपसी सहमति से सुलझाया जाता है। इससे अदालतों का बोझ घटता है और पक्षकारों के समय व धन की बचत होती है।
मुफ्त कानूनी सहायता और योजनाएं
शिविर में पारा विधिक स्वयंसेवक प्रदुमन कुमार एवं पवन कुमार ने उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मिलने वाले मुफ्त वकील, कानूनी परामर्श और बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के प्रावधानों से अवगत कराया। कार्यक्रम में वृद्धाश्रम के कर्मी राम ठाकुर, संजय मिश्रा सहित आश्रम के कई अंतःवासी उपस्थित रहे।