सड़क हादसों में अब नहीं रुकेगा इलाज, कटिहार में 'पीएम-राहत' योजना शुरू: 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार

कटिहार में 'पीएम-राहत' योजना लागू। अब सड़क हादसे में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। जानें कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ।

Ghazala Saheb26 October 20263 min read0 viewsBihar
सड़क हादसों में अब नहीं रुकेगा इलाज, कटिहार में 'पीएम-राहत' योजना शुरू: 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार

कटिहार जिले में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों को इलाज के अभाव या पैसों की कमी के कारण दम नहीं तोड़ना पड़ेगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना’ (पीएम-राहत) को जिले में प्रभावी कर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के तुरंत बाद यानी 'गोल्डन ऑवर' में घायलों को बिना किसी आर्थिक बाधा के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

क्या है 'पीएम-राहत' योजना और इसके फायदे?

इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को हादसे की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का पूर्णतः कैशलेस इलाज मुहैया कराया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण लोग सही समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते, जिससे जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। यह योजना इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शुरू की गई है।

इलाज के लिए क्या है अनिवार्य नियम?

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होगा:

  • 24 घंटे के भीतर भर्ती: दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को अधिकृत अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य है।
  • स्टेबलाइजेशन (स्थिरीकरण): जीवन के लिए अत्यंत गंभीर मामलों में अस्पताल में 48 घंटे तक और गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तक स्टेबलाइजेशन उपचार की व्यवस्था की गई है।
  • पुलिस सत्यापन: हादसे की आधिकारिक पुष्टि के लिए जिला पुलिस को 24 से 48 घंटे की समय-सीमा दी गई है। यदि मामला दूसरे जिले का है, तो पुलिस को 3 घंटे के भीतर केस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

हाईटेक डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी

अस्पतालों और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। अस्पतालों के लिए 'ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम' (टीएमएस 2.0) और पुलिस के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट' (इडीएआर) लागू किया गया है। जैसे ही अस्पताल में मरीज का ब्यौरा दर्ज होगा, एक विशिष्ट 'ट्रीटमेंट आईडी' जारी होगी, जिससे संबंधित थाने और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा।

इन अस्पतालों में मिल सकेगा मुफ्त इलाज

कटिहार जिले के सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है:

सरकारी अस्पताल:

  • जिला अस्पताल कटिहार
  • अनुमंडलीय अस्पताल मनिहारी और बारसोई
  • रेफरल अस्पताल बरारी
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फलका
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कदवा, आजमनगर एवं अमदाबाद

निजी अस्पताल:

  • कटिहार मेडिकल कॉलेज
  • जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल
  • रेडिएंट हॉस्पिटल और सीमांचल मेट्रो हॉस्पिटल
  • मार्क हॉस्पिटल और जनलक्ष्य हॉस्पिटल
  • कटिहार लायंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • रोशना बाजार नर्सिंग होम (लभा)
  • बारसोई आई केयर, किलकारी चाइल्ड हॉस्पिटल, सत्यभामा नेत्रालय, संजीवनी नेत्रालय और सिटी आई हॉस्पिटल

प्रशासन की आम नागरिकों से अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना के समय घबराएं नहीं, बल्कि घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं और आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें। साथ ही, सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का निर्देश दिया गया है ताकि दुर्घटनाओं और मौतों को कम किया जा सके।

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