कटिहार स्टेशन पर मखाने का जलवा, 'मखाना जंक्शन' से किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

कटिहार रेलवे स्टेशन पर 'एक स्टेशन, एक उत्पाद' योजना के तहत मखाना जंक्शन शुरू हुआ। अब यात्री मखाने के कई स्वादिष्ट उत्पाद खरीद सकेंगे।

Ghazala Saheb23 October 20262 min read0 viewsBihar
कटिहार स्टेशन पर मखाने का जलवा, 'मखाना जंक्शन' से किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

कटिहार रेलवे स्टेशन अब यात्रियों के लिए केवल सफर का पड़ाव नहीं, बल्कि स्थानीय स्वाद का नया केंद्र बनने जा रहा है। जिले के प्रसिद्ध मखाना उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कटिहार मखाना जंक्शन का भव्य शुभारंभ किया गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की 'एक स्टेशन, एक उत्पाद' योजना के तहत शुरू हुए इस स्टॉल से अब देश भर के यात्रियों को कटिहार का पौष्टिक मखाना आसानी से मिल सकेगा।

'एक स्टेशन, एक उत्पाद' की नई पहल

इस विशेष स्टॉल का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। जिला प्रशासन और जिला कृषि विभाग की इस साझा पहल का मुख्य लक्ष्य स्थानीय कृषि उत्पादों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि यह कदम स्वस्थ खानपान को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और किसान समृद्धि के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

यात्रियों के लिए स्वाद का खजाना

स्टेशन पर यात्रियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए 'मखाना जंक्शन' पर मखाने से बने कई तरह के स्वादिष्ट और मूल्य संवर्धित (value-added) उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। यात्री अब निम्नलिखित विकल्पों का आनंद ले सकते हैं:

  • रोस्टेड (भुना) मखाना
  • पेरी-पेरी मखाना
  • चीज और चटपटा मखाना
  • कैरेमल मखाना
  • पारंपरिक उत्पाद: मखाना बर्फी, मखाना ठेकुआ, मखाना लड्डू और खीर मिक्स

किसानों और स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ

इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद मिलेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। जिला कृषि पदाधिकारी के अनुसार, इस पहल से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और मखाना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

इसके अलावा, इस आउटलेट के संचालन से जिले में मखाना प्रसंस्करण (processing), पैकेजिंग और स्थानीय उद्यमिता से जुड़े युवाओं व स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर इस तरह के स्टॉल खुलने से जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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