गांव के बच्चे बनेंगे नन्हे वैज्ञानिक: कटिहार में 'रोबोशाला' शुरू
कटिहार के कोढ़ा में नीति आयोग की 'रोबोशाला' शुरू हुई। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने लैब का उद्घाटन कर छात्रों को रोबोटिक्स और कोडिंग के लिए प्रेरित किया।

कटिहार के ग्रामीण इलाकों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के छात्रों में विज्ञान, रोबोटिक्स और नई तकनीक के प्रति रुचि जगाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की गई है। नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 'जिलाधिकारी छात्र संवाद' के तहत जिले में 'रोबोशाला' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
डीएम ने किया अत्याधुनिक लैब का उद्घाटन
इस नई शुरुआत के तहत मंगलवार को कोढ़ा प्रखंड के सादलपुर कला स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने विद्यालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक प्रयोगशाला कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर डीएम ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र दिया।
कोडिंग और रोबोटिक्स से खुलेगा भविष्य का द्वार
रोबोशाला का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को आधुनिक तकनीक, कोडिंग और रोबोटिक्स जैसी गतिविधियों से जोड़ना है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों में निम्नलिखित गुणों का विकास होगा:
- तार्किक सोच: समस्याओं को समझने और सुलझाने की क्षमता।
- रचनात्मकता: नए विचारों और नवाचार को जन्म देना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण: हर चीज के पीछे के विज्ञान को समझने की जिज्ञासा।
किताबी ज्ञान से आगे बढ़ेगा व्यावहारिक अनुभव
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रह जाते हैं। लेकिन रोबोशाला के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) हासिल करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। डीएम ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने से न डरें, क्योंकि तकनीकी शिक्षा ही उनकी जिज्ञासा को नई उड़ान देगी।
"रोबोशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित की जाएगी। यह पहल बच्चों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षता निखारने का बेहतर अवसर प्रदान करेगी।"
जिला प्रशासन का मानना है कि कटिहार में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और ग्रामीण छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में यह एक बेहद प्रभावी और दूरगामी कदम साबित होगा।