कटिहार में सुरक्षित बचपन अभियान शुरू, बच्चों को सिखाए जाएंगे सुरक्षा के गुर
कटिहार में सुरक्षित बचपन अभियान 2026 शुरू हुआ। बच्चों को पॉक्सो कानून, गुड टच-बैड टच और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कटिहार में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। सोमवार को हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय में देशव्यापी 'सुरक्षित बचपन अभियान 2026' का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार, पॉक्सो कानून और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
पॉक्सो कानून और 'गुड टच-बैड टच' की दी जाएगी समझ
कार्यक्रम का उद्घाटन सब-जज सह सचिव कमलेश सिंह ढेऊ, मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव और अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए डीएलएसए सचिव कमलेश सिंह ढेऊ ने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अभियान के माध्यम से बच्चों को शारीरिक स्वायत्तता के बारे में बताया जाएगा। उन्हें यह सिखाया जाएगा कि 'गुड टच' और 'बैड टच' में क्या अंतर है, ताकि वे किसी भी असुरक्षित स्थिति को पहचान सकें और समय रहते मदद मांग सकें।
आपात स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों का करें उपयोग
बच्चों को कानूनी सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में बच्चे निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- नालसा हेल्पलाइन: 15100
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
छह थीमों पर आधारित विशेष 5 दिवसीय अभियान
शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के प्रथम चरण (26 से 30 अक्टूबर) के लिए छह प्रमुख विषयों की रूपरेखा तैयार की गई है। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों को जागरूक किया जाएगा:
- मेरा बचपन, मेरा अधिकार: बाल अधिकार और पॉक्सो कानून पर चर्चा।
- कानून जानो, बचपन बचाओ: विधिक सहायता हेल्प डेस्क की जानकारी।
- सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन: ऑनलाइन सुरक्षा और सेक्सटॉर्शन से बचाव।
- बोलो, बताओ, बचाओ: शारीरिक सुरक्षा के लिए काउंसलिंग।
- ना बाल विवाह, ना बाल शोषण: प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता।
- जागरूक बचपन, सशक्त भारत: चित्रकला और क्विज़ प्रतियोगिताएं।
91 स्कूलों में जागरूकता की लहर
तटवासी समाज न्यास की 'कवच परियोजना' के माध्यम से जिले के 91 सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में यह सघन अभियान चलाया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से दो शिक्षकों को 'प्रभारी शिक्षक' के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये शिक्षक नवंबर 2027 तक पूरे वर्ष स्कूलों में निरंतर जागरूकता सत्रों का संचालन करेंगे, जिससे यह अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहकर एक स्थायी प्रक्रिया बन सके।