बिहार में कटिहार का जलवा: ICDS रैंकिंग में 38 जिलों को पछाड़ बना नंबर वन

कटिहार जिले ने बिहार के सभी 38 जिलों को पीछे छोड़ते हुए समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) की मासिक रैंकिंग में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिले ने आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण संबंधी गतिविधियों और पूरक पोषाहार वितरण के तमाम मानकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
पोषण और सेवाओं में जिले ने गाड़े सफलता के झंडे
रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार जिले ने सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। जिले ने लाभार्थियों के सत्यापन और राशन वितरण में 99% से अधिक की उपलब्धि हासिल की है। तकनीक का सटीक इस्तेमाल करते हुए फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के माध्यम से 99.21 प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन किया गया, जबकि टेक-होम राशन के लाभार्थियों का सत्यापन 99.73 प्रतिशत रहा।
वितरण व्यवस्था को भी बेहद सुदृढ़ बनाया गया है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
- टेक-होम राशन वितरण: 99.91 प्रतिशत
- गरम पका भोजन वितरण: 99.10 प्रतिशत
- संयुक्त औसत प्रदर्शन: 99.79 प्रतिशत
आंगनबाड़ी केंद्रों की बदली सूरत: बुनियादी सुविधाओं में सुधार
कटिहार जिले ने न केवल सेवाओं के वितरण में, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी बड़ी कामयाबी हासिल की है। बेहतर परिवेश सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई गई हैं:
- पेयजल सुविधा: जिले के 99.85 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था है।
- शौचालय: 99.23 प्रतिशत केंद्रों पर शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- विद्युत कनेक्शन: 98.19 प्रतिशत केंद्रों पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है।
इन सुविधाओं के विस्तार से अब बच्चों और धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल रहा है।
मैदानी कर्मियों के अथक परिश्रम का परिणाम
जिला प्रशासन ने इस शानदार उपलब्धि को प्रशासनिक टीमवर्क और मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के अथक परिश्रम का नतीजा बताया है। इस सफलता की कहानी में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) कुमारी पूर्णिमा, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), जिला व प्रखंड समन्वयक, महिला पर्यवेक्षिकाएं और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को इसी तरह शीर्ष स्तर पर बनाए रखा जाएगा।