दहेज प्रथा मिटाने और महिला अधिकारों के लिए कटिहार में विशेष शिविर
कटिहार में डीएलएसए ने आयोजित किया जागरूकता शिविर। दहेज प्रथा मिटाने और महिला अधिकारों के प्रति स्वास्थ्य कर्मियों को किया गया जागरूक।

कटिहार के सदर अस्पताल परिसर में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दहेज प्रथा का उन्मूलन, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
दहेज प्रथा के खिलाफ समाज से बदलाव की अपील
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अवर न्यायाधीश कमलेश सिंह देव ने समाज को एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक कुरीति है और इसे केवल कानून के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति मुखर रहें और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ विधिक सहायता लेने में संकोच न करें।
"दहेज प्रथा के खात्मे के लिए केवल कानून ही काफी नहीं, बल्कि समाज के हर तबके को अपनी सोच बदलकर आगे आना होगा।" - कमलेश सिंह देव
स्वस्थ महिला ही सशक्त समाज की नींव
शिविर में स्वास्थ्य और अधिकारों के अंतर्संबंध पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सिविल सर्जन डॉ. एस. सरकार ने कहा कि एक स्वस्थ महिला ही सशक्त परिवार और स्वस्थ समाज की नींव होती है। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और अधिकारों, दोनों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
वहीं, डॉ. आभा कुमारी ने संवैधानिक मूल्यों, शिक्षा और न्याय के अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कानूनी जानकारी होना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुँचने के लिए ऐसे विधिक शिविरों का आयोजन प्रखंड स्तर पर भी नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य कर्मियों को मिला कानूनी प्रशिक्षण
इस जागरूकता सत्र में स्वास्थ्य विभाग की 70 एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। डीएलएसए के पदाधिकारियों ने इन कर्मियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया:
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता।
- विधिक परामर्श प्राप्त करने की प्रक्रिया।
- महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधान।
कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने समाज से दहेज प्रथा को जड़ से समाप्त करने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर प्रभा वर्मा, एसपीओ प्रवीण कुमार, टीएसएन रोशन कुमार, अविनाश कुमार, आशीष कुमार झा सहित प्राधिकार और स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।