पीएम मोदी पर केसी वेणुगोपाल का हमला: कहा- 'प्रधानमंत्री रहने का नैतिक अधिकार नहीं'

Ghazala Saheb29 September 20262 min read0 viewsBihar
पीएम मोदी पर केसी वेणुगोपाल का हमला: कहा- 'प्रधानमंत्री रहने का नैतिक अधिकार नहीं'

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली में कथित समझौते और मतदाता सूची में हेरफेर के बाद, प्रधानमंत्री के पास अब पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेणुगोपाल ने सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर चल रही खींचतान और निर्णयों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला सीधे प्रधानमंत्री की जानकारी में है और इस पर हस्तक्षेप करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

चुनाव आयोग और ईवीएम पर गंभीर आरोप

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली को व्यवस्थित रूप से प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले 18-19 महीनों से राहुल गांधी लगातार देश के सामने सबूत पेश कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह से समझौता कर चुके हैं। चाहे वह ईवीएम (EVM) मशीन हो या मतदाता सूची, दोनों को भाजपा को चुनावी जीत दिलाने के लिए डिजाइन किया गया है।"

कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े मुद्दे को उठाया है।

'पूर्ण स्वराज' की याद और देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेणुगोपाल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए 1930 के कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह उस समय अंग्रेजों के खिलाफ 'पूर्ण स्वराज' के लिए आंदोलन किया गया था, उसी तरह आज की सरकार जनता की आवाज को अनसुना कर रही है।

उन्होंने आगे घोषणा की कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कथित हेरफेर के खिलाफ झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा:

  • कांग्रेस देश भर में आक्रामक लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी।
  • लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलनों का सहारा लिया जाएगा।
  • चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जनता को जागरूक किया जाएगा।

गौरतलब है कि CWC की इस महत्वपूर्ण बैठक में 68 सदस्यों ने भाग लिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अब इस मुद्दे पर एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बैठक करेंगे, ताकि इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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