राजस्थान के तीन बड़े मुद्दों पर गरजे के.सी. वेणुगोपाल: आयुष्मान भारत से लेकर छात्रवृत्ति तक, उठे गंभीर सवाल!

Ghazala Saheb22 September 20262 min read1 viewBihar
राजस्थान के तीन बड़े मुद्दों पर गरजे के.सी. वेणुगोपाल: आयुष्मान भारत से लेकर छात्रवृत्ति तक, उठे गंभीर सवाल!

कांग्रेस के महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने राजस्थान से जुड़े तीन अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सार्वजनिक लेखा समिति (PAC) में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राज्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और आर्थिक सहायता में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

इन तीन प्रमुख मुद्दों पर जताई गंभीर चिंता

PAC की बैठक के दौरान वेणुगोपाल ने राजस्थान के विकास और जनहित से जुड़े तीन बड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया:

  • आयुष्मान भारत योजना में खामियां: वेणुगोपाल ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लागू होने और उसके संचालन के तरीके में कई कमियां पाई गई हैं, जिससे योजना का लाभ सही ढंग से जनता तक नहीं पहुँच पा रहा है।
  • MSME सेक्टर को ऋण की समस्या: उन्होंने बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को ऋण देने में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि MSME क्षेत्र को ऋण देने में अधिकतम प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
  • SC/ST छात्रवृत्ति में भारी विलंब: सबसे गंभीर मुद्दा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों की छात्रवृत्ति का रहा। वेणुगोपाल ने खुलासा किया कि इस छात्रवृत्ति योजना के वितरण में 89 महीनों की भारी देरी हो चुकी है।

क्या है सार्वजनिक लेखा समिति (PAC) का कार्य?

सार्वजनिक लेखा समिति (PAC) का मुख्य उत्तरदायित्व राज्य के खर्चों और खातों की बारीकी से जांच करना है। यह समिति यह सुनिश्चित करती है कि सार्वजनिक धन का उपयोग कानूनी रूप से और निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया गया है। इसमें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण खातों का परीक्षण भी शामिल है ताकि सरकारी धन के सही उपयोग की पुष्टि की जा सके।

राजस्थान में मौजूदा व्यवस्था और चुनौतियां

वेणुगोपाल द्वारा उठाए गए मुद्दों के बीच, राजस्थान में इन क्षेत्रों के लिए कुछ बुनियादी ढाँचे पहले से मौजूद हैं, लेकिन उनका प्रभावी उपयोग एक चुनौती बना हुआ है:

  • छात्रवृत्ति के लिए पोर्टल: राज्य में SC और ST छात्रों के लिए समर्पित छात्रवृत्ति तंत्र और पोर्टल उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य आवेदनों को ट्रैक करना और भुगतान की जानकारी देना है।
  • MSME के लिए राज उद्योग मित्र: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की सहायता के लिए 'राज उद्योग मित्र' प्लेटफॉर्म संचालित है, जहाँ उद्यमों से संबंधित पूछताछ और समस्याओं का समाधान किया जाता है।

PAC की इस बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा से स्पष्ट है कि राजस्थान में सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को

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