'25 सपा विधायक हमारे संपर्क में': राज्यसभा चुनाव पर केशव मौर्य का बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए एक बड़ा दावा किया है। मौर्य ने कहा है कि सपा के 25 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। यह बयान सपा के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में कुछ 'सरप्राइज' देने की बात कही थी।
सपा के 'सरप्राइज' पर भाजपा का पलटवार
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सपा की रणनीति पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि असली सरप्राइज तो भाजपा की ओर से देखने को मिलेगा। मौर्य ने सीधे तौर पर दावा किया, "हम उन्हें चौंका देंगे। उनके 25 विधायक हमारे संपर्क में हैं।"
गौरतलब है कि सपा ने हाल ही में घोषणा की थी कि वे राज्यसभा चुनाव में एक तीसरा उम्मीदवार उतारकर सबको चौंका सकते हैं। भाजपा ने अब इसी मुद्दे को उठाकर सपा के भीतर की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नामांकन प्रक्रिया और सपा की तैयारी
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। समाजवादी पार्टी के दो प्रमुख उम्मीदवारों, प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज पारिमल नत्वानी ने आज अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी अपने दोनों उम्मीदवारों के साथ मौजूद रहे, जिससे पार्टी की एकजुटता दिखाने की कोशिश साफ नजर आई।
राजभर ने उठाए PDA फॉर्मूले पर सवाल
सपा की इस चुनावी कवायद के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ये सभी प्रत्याशी पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के अनुरूप हैं?
राजभर ने सपा को चेतावनी देते हुए कहा कि तीसरे उम्मीदवार को उतारने के चक्कर में पार्टी को अपनी दूसरी सीट भी जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने इसे एक रणनीतिक चूक बताया।
कब होगा मतदान?
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण मोड़ पर है:
- मतदान की तिथि: 16 अक्टूबर को मतदान होगा।
- कुल सीटें: उत्तर प्रदेश की 10 सीटों और उत्तराखंड की 1 सीट सहित कुल 11 सीटों के लिए चुनाव है।
- कार्यकाल: वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है।
जैसे-जैसे नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, उत्तर प्रदेश की राजनीति में खींचतान और तेज होने के आसार हैं।