चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भड़के केशव प्रसाद मौर्य, राहुल-अखिलेश-ममता से मांगी माफी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चुनाव आयोग (EC) द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण जारी करने के बाद, मौर्य ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जैसे बड़े नेताओं से उनके बयानों के लिए माफी मांगने की मांग की है।
"झूठ फैलाने की मशीन बन गए हैं विपक्षी नेता"
मीडिया से बात करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
"राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेता झूठ फैलाने की एक ऑटोमैटिक मशीन बन गए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR पर निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया था। इस स्पष्टीकरण के बाद, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को अपने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए और गलत सूचना फैलाना बंद करना चाहिए।"
मौर्य का यह बयान चुनाव आयोग द्वारा दी गई उस जानकारी के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) से संबंधित सभी निर्णय आयोग के सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।
विपक्ष का पलटवार: 'दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं'
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता भाई जगताप ने मौर्य के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला केवल आरोप लगाने का नहीं है। जगताप के अनुसार, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने SIR प्रक्रिया को लेकर जो चिंताएं जताई थीं, वे लिखित रूप में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा ज्ञानेश कुमार को कई बार पत्र लिखे गए थे, जो इस बात का प्रमाण हैं कि प्रक्रिया में कुछ खामियां थीं। जगताप ने आगे कहा कि चाहे इस मामले को कितना भी दबाने की कोशिश की जाए, जनता को सच्चाई पता है और लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन पर जनता जवाब मांगेगी।
इसी बीच, एमडीएमके (MDMK) के महासचिव वैको ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का रवैया पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बुधवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति जताई थी।
विपक्षी दलों, जिनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई और शिवसेना (UBT) शामिल हैं, ने इस प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग की है। राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि:
- SIR से संबंधित सभी निर्णय आयोग के सदस्यों की सर्वसम्मत स्वीकृति के साथ लिए गए थे।
- निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है।
- विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का कार्यक्रम पूरी तरह से आधिकारिक और सामूहिक निर्णय के तहत जारी किया गया था।