दिल्ली में बड़ा हादसा: खगड़िया के 5 मजदूरों की मौत, मलबे में दबे सपने

दिल्ली के दरियागंज में निर्माणाधीन इमारत गिरने से खगड़िया के पांच मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है।

Ghazala Saheb7 November 20262 min read0 viewsBihar
दिल्ली में बड़ा हादसा: खगड़िया के 5 मजदूरों की मौत, मलबे में दबे सपने

दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दर्दनाक घटना में बिहार के खगड़िया जिले के पांच मजदूरों की मौत हो गई है। दिल्ली में खगड़िया के मजदूरों की मौत की इस खबर ने बोबिल पंचायत में दिवाली की खुशियों को मातम में बदल दिया है। जो मजदूर त्योहार मनाने की उम्मीद लेकर घर से निकले थे, वे अब वापस नहीं लौटेंगे।

मलबे से निकाले गए शव, राहत कार्य जारी

यह हादसा गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को हुआ, जब एक निर्माणाधीन इमारत का स्लैब अचानक भरभरा कर गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) और नगर निगम (MCD) की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के तीसरे दिन तक मलबे से चार शव बरामद किए गए, जबकि संजीव राम का शव पहले ही निकाल लिया गया था।

मृतकों की पहचान पंकज शर्मा, संजीव राम और किशोरी के रूप में हुई है। मलबे में दबे इन मजदूरों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

अवैध निर्माण और लापरवाही का नतीजा

नगर निगम दिल्ली (MCD) के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी इमारत बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (Sanctioned Plan) के बनाई जा रही थी। मात्र 50 वर्ग मीटर के छोटे से प्लॉट पर बिना किसी इंजीनियरिंग मानकों के, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करके यह बहुमंजिला ढांचा खड़ा किया गया था।

हैरानी की बात यह है कि स्थानीय पुलिस ने जून 2026 में ही एमसीडी को इस अवैध निर्माण के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा इन मासूम मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

तीन ठेकेदार गिरफ्तार, कानूनी कार्रवाई तेज

पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला 'गैर-इरादतन हत्या' की श्रेणी में आता है। इस हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • गिरफ्तार आरोपी: सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान
  • गिरफ्तारी का स्थान: सिरोही गांव, फरीदाबाद (हरियाणा)

मुआवजे और रोजगार की मांग

इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ऋषभ कुमार ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और उनके परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि वे जीवन यापन कर सकें।

Share:

Comments

Leave a comment