खगड़िया में भारी विरोध: चुनाव आयोग और केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन, फूंके पुतले

खगड़िया में किसान संगठनों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के पुतले फूंके।

Ghazala Saheb22 October 20262 min read0 viewsBihar
खगड़िया में भारी विरोध: चुनाव आयोग और केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन, फूंके पुतले

बिहार के खगड़िया में गुरुवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय कृषि एवं ग्रामीण श्रमिक संघ और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले भी फूंके। यह विरोध मार्च सीपीआईएम जिला कार्यालय से शुरू हुआ, जो बीएसएनएल कार्यालय से होते हुए अस्पताल चौक पर जाकर समाप्त हुआ।

दमनकारी नीतियों के खिलाफ उठी आवाज

अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव संजय कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पुलिस और 'गुंडों' का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सरकार की इस कार्यशैली की तुलना औपनिवेशिक काल के दमनकारी शासन से की।

संजय कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से 23 अक्टूबर को होना था, लेकिन कोशी स्नातकto विधान परिषद चुनाव के कारण इसे टालना पड़ा।

प्रमुख मांगें और चुनाव प्रणाली पर सवाल

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।
  • सरकार के शीर्ष नेताओं का इस्तीफा: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
  • मतदाता सूची में बदलाव: नए 'सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन' (SVEEP) मानदंडों के आधार पर तैयार की गई वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर होने वाले चुनावों को रद्द करने की मांग की गई है।
  • नियुक्ति कानून में सुधार: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए पुराने कानून को बहाल किया जाए, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया गया हो।

दिल्ली कूच की तैयारी

खगड़िया के कार्यकर्ताओं ने केवल स्थानीय विरोध तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है। आयोजकों ने घोषणा की है कि 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली 'इंडिया ब्लॉक' की रामलीला रैली में खगड़िया से सैकड़ों की संख्या में लोग हिस्सा लेंगे और अपनी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाएंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में सुरेंद्र प्रसाद महतो, हराराम चौधरी, विनय कुमार सिंह, नवीन चौधरी, रामविनय सिंह, विजय कुमार सिंह, संजीव कुमार, नीतू देवी, कुंदन मेहता, अनिल वर्मा, शिवजी महतो, अज़हर अंजुम, मिथलेश केसरी, अमर कुमार यादव, राजेंद्र वर्मा, रामविलास वर्मा, माला देवी, सर्वन साह, रजनीश कुमार, मंजित कुमार, Amaresh Kumar, सुरेंद्र पासवान, सच्चिदानंद सिंह, भीम साह, राजगिर सिंह, राजकिशोर राम, मुरारी सिंह और सुरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

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