महंगाई ने तोड़ी कमर! खड़गे का मोदी सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बढ़ती महंगाई और घरेलू कर्ज को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
महंगाई ने तोड़ी कमर! खड़गे का मोदी सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बढ़ती महंगाई, बढ़ते घरेलू कर्ज और घटती बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि त्योहारों के इस मौसम में भी आम जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे उनका जीवन कठिन हो गया है।

त्योहारों के बीच आम आदमी की बढ़ी मुश्किलें

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार न केवल लोगों के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है, बल्कि अब उनके जीने के अधिकार पर भी संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "त्योहारों के बीच, कमरतोड़ महंगाई लोगों की कमाई का एक-एक पैसा निगल रही है।"

आंकड़ों ने खोली सरकार की पोल

खड़गे ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए कई महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों का हवाला दिया। उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है:

  • खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation): यह 2.13 प्रतिशत से बढ़कर अब 7.74 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
  • घरेलू कर्ज (Household Debt): इसमें 36.7 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
  • घरेलू वित्तीय बचत (Financial Savings): लोगों की बचत में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
  • खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation): यह 5.54 प्रतिशत के स्तर पर है।
  • थोक मुद्रास्फीति (Wholesale Inflation): यह 11.39 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

खड़गे ने जोर देकर कहा कि ये आंकड़े सच बयां कर रहे हैं और मध्यम वर्ग के लिए घर चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

बीजेपी के पुराने विज्ञापनों पर कसा तंज

प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए खड़गे ने उनके पुराने चुनावी विज्ञापनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भाजपा महंगाई के खिलाफ बड़े-बड़े दावे करती थी और प्रदर्शन करती थी, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं।

"अगर भाजपा, जो अब सत्ता में बैठी है, और पीएम मोदी कभी अपने निरर्थक प्रदर्शनों से समय निकाल सकें, तो उन्हें 2014 से पहले का अपना ही विज्ञापन दोबारा देखना चाहिए: 'महंगाई की मार अब और नहीं!'"
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