पटना में मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादित बयान, 'मोदी के पिता' वाले कमेंट पर मचा बवाल!
पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान से भारी हंगामा हुआ। जानें क्या है पूरा विवाद और क्यों भड़की हिंसा।

पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादित बयान सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में भारी हंगामा खड़ा हो गया है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष की एक कथित टिप्पणी ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया।
सभागार में कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा राज्य में उच्च जातियों के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अचानक भीड़ में से किसी व्यक्ति ने "मोदी जेल नहीं जाएंगे" का नारा लगाया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित तौर पर कहा, "मोदी के पिता भी जाएंगे।"
इस टिप्पणी के तुरंत बाद सभागार में अफरा-तफरी मच गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वहां मौजूद अन्य लोगों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आई हैं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।
आरएसएस और भाजपा पर बरसे खड़गे
हंगामे के बावजूद खड़गे ने अपना भाषण जारी रखा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
कांग्रेस के नेताओं ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और जेलें काटीं, जबकि आरएसएस ने ब्रिटिश शासन के लिए मुखबिर की तरह काम किया।
उन्होंने डॉ. कृष्ण सिंह द्वारा किए गए सामाजिक सुधार कार्यों की भी सराहना की।
कांग्रेस के भीतर भी दिखी दरार
इस कार्यक्रम में केवल बाहरी विवाद ही नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर की कलह भी खुलकर सामने आई। बिहार कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:
- राज्य इकाई के अध्यक्ष राजेश राम को पद से हटाया जाए।
- पार्टी प्रभारी कृष्णा अलावारु को हटाया जाए।
पटना में इस तरह की झड़पें और तनाव पहली बार नहीं देखा गया है। इससे पहले भी कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें और पथराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।