कर्नाटक में सूखे का कहर: खड़गे ने पीएम मोदी से मांगी तत्काल मदद

कर्नाटक में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर किसानों के लिए तत्काल केंद्रीय सहायता की मांग की है।

Ghazala Saheb3 October 20262 min read6 viewsBihar
कर्नाटक में सूखे का कहर: खड़गे ने पीएम मोदी से मांगी तत्काल मदद

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य के किसानों को इस आपदा से उबारने के लिए तत्काल केंद्रीय सहायता की पुरजोर मांग की है।

करोड़ों का नुकसान और लाखों किसान संकट में

खड़गे ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि कर्नाटक हाल के वर्षों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। राज्य में बारिश की भारी कमी के कारण फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे लाखों किसान परिवार गहरे संकट में हैं। अनुमान के मुताबिक, राज्य को लगभग 18,748.23 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस भारी नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने NDRF और SDRF के तहत 3,705.30 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।

खड़गे की 6 प्रमुख मांगें

मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार के सामने छह विशिष्ट मांगें रखी हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके:

  • जमीनी आकलन के लिए टीम: कल्याण कर्नाटक में सूखे के नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए तुरंत एक केंद्रीय टीम भेजी जाए।
  • पूरी राशि का तत्काल भुगतान: राज्य द्वारा मांगी गई 3,705.30 करोड़ रुपये की पूरी राशि बिना किसी देरी के जारी की जाए।
  • भूमि रिकॉर्ड का उपयोग: छोटे और सीमांत किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी की गणना 2015-16 की कृषि जनगणना के बजाय कर्नाटक के अपडेटेड 'भूमि' (Bhoomi) लैंड रिकॉर्ड के आधार पर की जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान मदद से वंचित न रहे।
  • अतिरिक्त तालुकों को राहत: वर्तमान में 11 अतिरिक्त तालुकों में सूखे की स्थिति की जांच चल रही है, उन्हें भी जल्द सूखा प्रभावित घोषित किया जाए।
  • पेयजल और बिजली सुरक्षा: कावेरी और अन्य जलाशयों के घटते जल स्तर को देखते हुए पेयजल सुरक्षा और वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के लिए विशेष सहायता दी जाए।

"राजनीति से ऊपर उठकर करें मदद"

खड़गे ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सूखा राहत एक मानवीय अनिवार्यता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संकट को केंद्र और राज्य के बीच के राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सहायता बिना किसी राजनीतिक विचार के, केवल योग्यता के आधार पर और पूरी तत्परता के साथ दी जानी चाहिए, क्योंकि कर्नाटक के 31 लाख से अधिक किसान परिवार इस समय अत्यंत कष्ट में हैं।

खड़गे ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। गौरतलब है कि कर्नाटक के 177 तालुकों को पहले ही सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है और स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

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