खड़गे ने गांधी और शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, याद किए महान आदर्श

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने दोनों महान विभूतियों के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।
महात्मा गांधी: सत्य और अहिंसा के मार्गदर्शक
महात्मा गांधी की जयंती पर खड़गे ने उन्हें 'राष्ट्रपिता' बताते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के उनके सिद्धांत आज की चुनौतियों के बीच भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने पहले थे। उन्होंने गांधीजी के एक प्रसिद्ध विचार को साझा करते हुए लिखा, "पहले वे आपको नजरअंदाज करेंगे, फिर वे आप पर हंसेंगे, फिर वे आपसे लड़ेंगे और फिर आप जीत जाएंगे।"
खड़गे ने आगे कहा कि बापू ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मजबूती दी, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और शांति का मार्ग भी दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांधीजी के सिद्धांतों पर अडिग रहना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
लाल बहादुर शास्त्री: सादगी और समर्पण के प्रतीक
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर खड़गे ने उन्हें सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने शास्त्री जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अविस्मरणीय योगदानों को याद किया।
खड़गे ने शास्त्री जी के प्रमुख कार्यों का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया:
- कृषि और दुग्ध क्रांति: हरित और श्वेत क्रांति की नींव को मजबूत करना।
- भूमि सुधार: देश में भूमि सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका।
- रेलवे सुधार: रेलवे में तीसरे दर्जे के यात्रा वर्ग को समाप्त करना।
- महिला सशक्तिकरण: बसों में महिलाओं के लिए सीटें सुनिश्चित करने की पहल।
- युद्ध नेतृत्व: 1965 के युद्ध के दौरान देश को दृढ़ नेतृत्व प्रदान करना।
खड़गे ने शास्त्री जी के प्रसिद्ध नारे "जय जवान, जय किसान" का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सरल जीवन और ऊंचे आदर्श हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।