मुजफ्फरपुर से शुरू होगा 'खेत बचाओ अभियान 2026', किसानों के लिए बड़ी पहल
बिहार में 'खेत बचाओ अभियान 2026' का शुभारंभ मुजफ्फरपुर से होगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा किसानों को आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे।

बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य में खेती की स्थिति सुधारने और खेतों के संरक्षण के लिए बिहार सरकार कृषि विभाग के माध्यम से 'खेत बचाओ अभियान 2026 सह कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम' शुरू करने जा रही है। इस विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ मुजफ्फरपुर से किया जाएगा, जहाँ कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
मुजफ्फरपुर से जन-आंदोलन की शुरुआत
यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को जागरूक करने और खेतों के संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने की एक कोशिश है। 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को मुजफ्फरपुर से शुरू होने वाला यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम 'वासंतिक (रबी) महाभियान 2026' के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सीधे संवाद के माध्यम से हल करना है।
किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं और जानकारी
इस अभियान के दौरान किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस कार्यक्रम में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा:
- प्राकृतिक खेती और कीट प्रबंधन: खेती को सुरक्षित और जैविक बनाने के तरीके।
- फसल विविधीकरण: दलहन और तिलहन जैसी फसलों को बढ़ावा देना।
- वित्तीय सहायता: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसल बीमा की जानकारी।
- डिजिटल कृषि: फार्मर आईडी और डिजिटल माध्यमों से खेती का प्रबंधन।
- मिट्टी और जल संरक्षण: मृदा स्वास्थ्य और जल के संतुलित उपयोग पर ध्यान।
- कृषि यंत्रीकरण: खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग।
खेतों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी
कृषि मंत्री ने अपने बयान में कहा कि खेतों की उर्वरता बनाए रखना और मिट्टी एवं जल का संरक्षण करना कृषि विभाग, किसानों और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे 'खेत बचाओ अभियान 2026' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। वैज्ञानिक पद्धतियों और जनभागीदारी के माध्यम से ही बिहार के कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और समृद्ध बनाया जा सकता है, जिससे अंततः किसानों की खुशहाली सुनिश्चित होगी।