'खेत बचाओ, जीवन बचाओ': मुजफ्फरपुर से विजय सिन्हा ने फूंका बिगुल

मुजफ्फरपुर में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 'खेत बचाओ, जीवन बचाओ' अभियान शुरू किया। नकली खाद-बीज बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

Ghazala Saheb26 October 20263 min read0 viewsBihar
'खेत बचाओ, जीवन बचाओ': मुजफ्फरपुर से विजय सिन्हा ने फूंका बिगुल

मुजफ्फरपुर की धरती से बिहार के कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज़ हुआ है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को 'खेत बचाओ, जीवन बचाओ' के संदेश के साथ 'खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद' का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।

मिट्टी और किसान की सुरक्षा का संकल्प

कृषि मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'खेत बचाओ, जीवन बचाओ' केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह धरती, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का एक दृढ़ संकल्प है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब खेत सुरक्षित होंगे और मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होगा, तभी किसान समृद्ध हो पाएंगे और विकसित भारत का सपना साकार होगा।

बता दें कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू किया गया है, जिसे बिहार में भी जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ यह अभियान 30 नवंबर, 2026 तक निरंतर संचालित किया जाएगा।

नकली खाद और बीज के खिलाफ सख्त रुख

किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने नकली उर्वरकों और बीजों की बिक्री पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि:

  • नकली खाद एवं नकली बीज की बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • जो लोग ऐसे मामलों को उजागर करेंगे, उन्हें विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
  • ऐसे मामलों का पर्दाफाश करने वाले अधिकारियों को भी उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे न केवल खेती की लागत बढ़ती है बल्कि मिट्टी का स्वास्थ्य भी बिगड़ता है। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर ही खाद का संतुलित उपयोग करने पर जोर दिया।

अभियान की सफलता और भविष्य की योजना

कृषि मंत्री ने अभियान की प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि खरीफ मौसम के दौरान पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में 6,19,436 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि किसान अब मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

आगामी रबी मौसम (2026-27) के लिए विभाग ने एक बड़ी योजना बनाई है:

  1. इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुँचाया जाएगा।
  2. प्रत्येक प्रखंड की कम-से-कम दो पंचायतों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
  3. लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुँच बनाई जा सके।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन

मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जो किसान इस पद्धति को अपनाएंगे, उन्हें कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जैविक खादों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सके और पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिले।

इस अवसर पर पद्मश्री राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार और बामेती निदेशक पवन कुमार सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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