किशनगंज के 10 गांवों की बदलेगी सूरत, बनेंगे 'आदर्श ग्राम'

किशनगंज के 10 गांवों को पीएम-अजय योजना के तहत आदर्श ग्राम बनाया जाएगा। यहाँ बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की पूरी जानकारी दी गई है।

Ghazala Saheb2 November 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज के 10 गांवों की बदलेगी सूरत, बनेंगे 'आदर्श ग्राम'

किशनगंज जिले के अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। जिले के 10 गांवों को 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

सोमवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति (पीएसीसी) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चयनित गांवों के लिए विकास योजनाओं की प्रगति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की गई।

इन 10 गांवों का होगा कायाकल्प

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले के उन गांवों का चयन किया गया है जहाँ अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। चयनित गांवों की सूची इस प्रकार है:

  • कोचाधामन प्रखंड: भवानीगंज, धनसोना, शाहनगर, नगरी और हरिभासा
  • टेढ़ागाछ प्रखंड: घनी फुलसरा एवं हवाकोल खुर्द
  • दिघलबैंक प्रखंड: सतमेरी
  • पोठिया प्रखंड: डुबानोची
  • किशनगंज प्रखंड: महेशबथना

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

आदर्श ग्राम योजना के तहत इन गांवों में केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाएं भी पहुंचाई जाएंगी। योजना के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  • प्रत्येक चयनित गांव में दो हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी।
  • प्रत्येक परिवार को दो रिचार्जेबल एलईडी बल्ब उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • सामुदायिक सेवा केंद्र के लिए आवश्यक सामग्री और आधुनिक उपकरण दिए जाएंगे।
  • अन्य विकास कार्य: नल-जल योजना, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी का सुदृढ़ीकरण, संपर्क पथ (सड़क) और गली-नाली निर्माण जैसे कार्य संबंधित विभागों के माध्यम से पूरे किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने दिए समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सभी विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि इन गांवों को वास्तव में 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम स्तरीय समितियों द्वारा योजनाओं को अनुमोदित कर पहले ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को भेज दिया गया है।

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