गांजा तस्करी पर किशनगंज कोर्ट का बड़ा फैसला: दो दोषियों को 15 साल की जेल

किशनगंज कोर्ट ने गांजा तस्करी के मामले में दो दोषियों को 15-15 साल की कठोर कैद और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।

Ghazala Saheb4 November 20262 min read0 viewsBihar
गांजा तस्करी पर किशनगंज कोर्ट का बड़ा फैसला: दो दोषियों को 15 साल की जेल

किशनगंज की अदालत ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक कड़ा संदेश देते हुए गांजा तस्करी के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बुधवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तृतीय अभय श्रीवास्तव की अदालत ने दो अभियुक्तों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही दोनों दोषियों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया गया है, जिसे जमा न करने की स्थिति में उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

कैसे पकड़े गए गांजा तस्कर?

यह पूरा मामला जून 2023 का है, जब कोचाधामन पुलिस की टीम एनएच-327ई पर स्थित चरधरिया चेकपोस्ट पर वाहनों की सघन जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने एक मारुति सुजुकी कार को संदिग्ध अवस्था में रोका। जब पुलिस ने कार की डिक्की की तलाशी ली, तो अधिकारी दंग रह गए। कार के अंदर से सेलोटेप में लिपटे हुए गांजे के 23 पैकेट बरामद किए गए।

जब बरामद किए गए माल का वजन किया गया, तो कुल मात्रा 24 किलो 400 ग्राम गांजा पाई गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तस्करों को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू की।

सिल्लीगुड़ी से मुजफ्फरपुर तक फैला था जाल

पुलिस पूछताछ में तस्करी के इस नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे गांजे की यह खेप सिल्लीगुड़ी से लोड कर रहे थे और इसे मुजफ्फरपुर में सप्लाई करने की योजना थी। इस अवैध काम के बदले उन्हें प्रति ट्रिप 10,000 रुपये का लालच दिया गया था।

पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान सारण जिले के अमनौर निवासी अवधेश कुमार महतो और रोहित कुमार महतो के रूप में हुई है।

अदालत का सख्त रुख और सजा

इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विद्वान लोक अभियोजक प्रणव कुमार ने बेहद प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा। अदालत में कुल पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिन्होंने तस्करी के साक्ष्यों की पुष्टि की।

सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर, न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी)(ii) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने निम्नलिखित सजा सुनाई:

  • कारावास: दोनों अभियुक्तों को 15-15 साल की कठोर जेल।
  • आर्थिक दंड: भारी जुर्माना (जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद)।

विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालय का यह फैसला समाज और युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के सरकारी संकल्प के बीच यह न्यायिक कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।

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