किशनगंज: मवेशी लदे ट्रक से अवैध वसूली! तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिहार के किशनगंज जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। जीरनगच्छ टोल प्लाजा के पास मवेशी लदे एक ट्रक को कथित तौर पर अवैध वसूली के बाद बिना जांच किए छोड़ने के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
एसपी संतोष कुमार द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है:
- गंगा प्रसाद गुप्ता: थानाध्यक्ष, पाठामारी
- सुनील कुमार: सहायक अवर निरीक्षक (ASI)
- पवन कुमार: चालक सिपाही
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 17 और 18 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। आरोप है कि जीरनगच्छ टोल प्लाजा के पास पुलिसकर्मियों ने मवेशी लदे एक ट्रक को रोका था। नियमानुसार, पुलिस को वाहन और उसमें लदे मवेशियों से संबंधित सभी जरूरी कागजातों की गहन जांच और सत्यापन करना चाहिए था।
लेकिन, जांच के बजाय कथित तौर पर अवैध वसूली का खेल खेला गया। पुलिसकर्मियों ने न तो कागजातों की समुचित जांच की और न ही इस पूरी घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। आरोप है कि अवैध वसूली करने के बाद ट्रक को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के वहां से जाने दिया गया।
जांच में खुला भ्रष्टाचार का सच
मामले की शिकायत मिलने के बाद एसडीपीओ-2 द्वारा इसकी विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान यह तथ्य पुख्ता हुए कि ट्रक को अवैध वसूली के बाद छोड़ा गया था। एसडीपीओ-2 की इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एसपी संतोष कुमार ने निलंबन की सख्त कार्रवाई की है। विभागीय स्तर पर इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई भी की जा सकती है।
NH-327E पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एनएच-327ई (NH-327E) पर पुलिस की वाहन जांच व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जीरनगच्छ टोल प्लाजा के पास पाठामारी पुलिस पहले भी शराब की खेप पकड़ने जैसी कार्रवाइयां कर चुकी है, लेकिन अब इस मामले ने पुलिस की नियमित जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी नजरें टोल प्लाजा के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पर हैं, जिससे इस घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों और सच्चाई का पूरी तरह से खुलासा होने की उम्मीद है।