आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में सुधार का अल्टीमेटम
किशनगंज डीएम नवीन कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं बहाल करने का निर्देश दिया।

किशनगंज जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की लचर स्थिति और सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को आईसीडीएस (ICDS) की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्यों में तेजी लाने के लिए एक सप्ताह की समयसीमा निर्धारित कर दी है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए अल्टीमेटम
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं न होना गंभीर विषय है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
- निर्माणाधीन और मरम्मत वाले केंद्रों में शौचालय, पानी और बिजली का काम एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए।
- विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित अधिकारियों से सूची लेकर एक सप्ताह के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करें।
- जो केंद्र वर्तमान में किराए के मकानों में चल रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए।
योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा की गई। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से बहादुरगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ की परियोजनाओं की स्थिति कमजोर पाई गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें।
कुपोषण के खिलाफ जंग और केंद्रों का उन्नयन
जिले के 274 आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर सुविधाओं वाले सक्षम केंद्रों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे एक माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। कुपोषण के मुद्दे पर जिलाधिकारी ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले महीने आईसीडीएस के माध्यम से केवल 19 बच्चों को ही पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजा गया, जो कि बेहद निराशाजनक है।
"अभिभावकों को निरंतर परामर्श देकर अतिकुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित करना होगा और उन्हें तुरंत एनआरसी में भर्ती कराया जाए।"
बैठक में डीपीओ बंदना पांडेय सहित सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि जन कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।