किशनगंज में ई-रिक्शा-ऑटो वालों की खैर नहीं, 12 अक्टूबर के बाद होगा एक्शन!

किशनगंज में सड़कों पर बढ़ती यातायात अव्यवस्था और ई-रिक्शा व ऑटो चालकों की मनमानी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शहर में जाम और दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनी मनमानी
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने किशनगंज शहरी क्षेत्र का भ्रमण किया, जहां उन्होंने पाया कि ई-रिक्शा और ऑटो चालक यातायात के नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। चौक-चौराहों पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। इसके अलावा, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
12 अक्टूबर तक मिली मोहलत, उसके बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन ने चालकों को अपनी गलतियां सुधारने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। 12 अक्टूबर के बाद, यदि कोई भी चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और वाहन को भी जब्त किया जा सकता है।
"चालक अपने वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं। उच्च मार्गों एवं राजकीय राजमार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो का परिचालन वर्जित रहेगा। छोटे स्कूली बच्चों को बैठाकर वाहन चलाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है।"
— राजेश कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात
इन नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे:
- ओवरलोडिंग पर रोक: वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना सख्त मना है।
- हाईवे पर प्रतिबंध: ई-रिक्शा और ऑटो का परिचालन उच्च मार्गों और राजकीय राजमार्गों पर नहीं किया जा सकेगा।
- स्कूली बच्चों की सुरक्षा: छोटे स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा या ऑटो में बैठाकर ले जाने पर भी रोक रहेगी।
- व्यवस्थित पार्किंग: चौक-चौराहों पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़ा करने पर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस ने सभी चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें और शहर को जाम की समस्या से मुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें।