किशनगंज: स्कूलों में चुनावी साक्षरता प्रतियोगिता का होगा आयोजन
किशनगंज के स्कूलों और कॉलेजों में 17 नवंबर से चुनावी साक्षरता प्रतियोगिता आयोजित होगी। निबंध और क्विज़ के माध्यम से छात्र दिखाएंगे अपना कौशल।

किशनगंज जिले के सभी हाई स्कूलों और कॉलेजों में 17 नवंबर से चुनावी साक्षरता प्रतियोगिता का भव्य आयोजन होने जा रहा है। पटना स्थित बिहार के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी और नई दिल्ली स्थित भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद, छात्रों को लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के लिए निबंध और क्विज़ प्रतियोगिताओं की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की गई है।
तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता की जंग
छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस पूरे कार्यक्रम को तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है:
- पहला चरण (संस्थागत स्तर): यह प्रतियोगिता 17 नवंबर से 22 नवंबर तक चलेगी। इसमें प्रत्येक स्कूल या कॉलेज के भीतर ही मुकाबला होगा, जहां से सर्वश्रेष्ठ दो छात्रों का चयन किया जाएगा।
- दूसरा चरण (विधानसभा क्षेत्र स्तर): चयनित छात्र 24 नवंबर से 27 नवंबर के बीच विधानसभा स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यहाँ से प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के शीर्ष 10 छात्रों को अगले दौर के लिए चुना जाएगा।
- तीसरा चरण (जिला स्तर): यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक किशनगंज के महानंदा ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
विजेताओं को मिलेगा सम्मान और प्रमाण पत्र
प्रतियोगिता के सभी रोमांचक चरणों के समापन के बाद, 3 दिसंबर को विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी और उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इसके पश्चात, 7 दिसंबर तक निर्वाचन आयोग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
प्रशासन की सख्त तैयारियां और निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सभी ईएलसी (ELC) समन्वयकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि संस्थागत स्तर की प्रतियोगिताएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चयनित दो छात्रों के नाम संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को तुरंत उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
जिला स्तर की प्रतियोगिता का प्रबंधन किशनगंज के अतिरिक्त कलेक्टर (विभागीय जांच) की अध्यक्षता में किया जाएगा। वहीं, प्रश्नपत्र तैयार करने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नोडल अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी (सर्व शिक्षा) को सौंपी गई है। प्रशासन ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षा अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है।