सावधान! किशनगंज में नकली खाद का बड़ा खतरा, किसानों को चेतावनी
किशनगंज में रबी सीजन से पहले नकली खाद की आशंका बढ़ गई है। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और केवल रजिस्टर्ड विक्रेताओं से खाद खरीदने की सलाह दी है।

किशनगंज जिले में रबी फसलों की बुआई का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन इस बार किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सीमांचल के इस इलाके में नकली और मिलावटी उर्वरक (खाद) की बिक्री की आशंका बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को पूरी तरह सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
सीमावर्ती इलाकों में तस्करी और मिलावट का डर
किशनगंज में मक्का की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, जिसके कारण यूरिया, डीएपी और अन्य फॉस्फेटिक उर्वरकों की मांग बहुत अधिक रहती है। जिले की भौगोलिक स्थिति इसे और भी संवेदनशील बना देती है। जिले के ठाकुरगंज, टेढ़ागाछ और दिघलबैंक जैसे प्रखंड नेपाल की सीमा से सटे हुए हैं, जबकि किशनगंज और पोठिया प्रखंड पश्चिम बंगाल की सीमा साझा करते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ उर्वरकों की तस्करी और नकली खाद की सप्लाई होने का खतरा हमेशा बना रहता है। मिलावटी खाद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं या बिल्कुल नहीं होते, जिससे फसल की वृद्धि रुक जाती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
कैसे पहचानें असली और नकली खाद?
धोखाधड़ी से बचने के लिए विभाग ने किसानों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खाद खरीदते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- पंजीकृत विक्रेता: हमेशा केवल उन्हीं विक्रेताओं से खाद खरीदें जो सरकार द्वारा पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त हों।
- कैश मेमो और रसीद: खरीदारी के बाद पीओएस (POS) मशीन से जारी रसीद या कैश मेमो लेना न भूलें।
- बोरी की जांच: खाद की बोरी पर छपे विवरण, उसकी सिलाई और सील की अच्छी तरह जांच करें।
- कटी-फटी बोरियां: कभी भी ऐसी बोरी न खरीदें जो कटी-फटी हो या जिसे दोबारा सिला गया हो।
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू स्तर पर किए गए परीक्षण हमेशा सटीक नहीं होते, इसलिए किसी भी संदेह की स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराना ही बेहतर है।
शिकायत के लिए यहाँ करें संपर्क
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें कहीं भी नकली उर्वरक मिलने या किसी संदिग्ध विक्रेता की जानकारी मिलती है, तो वे बिना देरी किए इसकी सूचना दें। आप इसकी जानकारी अपने संबंधित कृषि समन्वयक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी या सीधे जिला कृषि कार्यालय को दे सकते हैं।
शिकायत के लिए संपर्क सूत्र:
जिला कृषि कार्यालय, किशनगंज का कंट्रोल रूम नंबर: 06456-295270
विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले और उनकी मेहनत की कमाई तथा फसलों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सके।