विदेश में नौकरी के नाम पर बड़ी ठगी, नाहिद गनी गिरफ्तार

किशनगंज में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में नाहिद गनी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई पर पूर्व विधायक और राजद नेता मास्टर मुजाहिद आलम ने पुलिस प्रशासन की सराहना की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कैसे चलता था ठगी का शातिर खेल
आरोप है कि नाहिद गनी और उसका गिरोह वर्षों से युवाओं को विदेश में सुनहरे भविष्य और नौकरी का सपना दिखाकर उन्हें अपना शिकार बना रहा था। ठगी का तरीका बेहद शातिर और डरावना था:
- युवाओं को नौकरी का प्रलोभन देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
- कुछ मामलों में युवाओं को विदेश ले जाने के बाद उन्हें बंधक बना लिया जाता था।
- पीड़ितों के पासपोर्ट छीन लिए जाते थे ताकि वे मदद न मांग सकें।
मुजाहिद आलम ने आरोप लगाया कि इस अवैध कमाई से आरोपियों ने आलीशान मकान और जमीन-जायदाद भी खरीदी है। साथ ही, पीड़ितों को प्रशासनिक और राजनीतिक रसूख का डर दिखाकर डराया-धमकाया भी जाता था।
हजारों युवा और अरबों की ठगी की आशंका
इस कथित फर्जीवाड़े के तार केवल किशनगंज तक ही सीमित नहीं हैं। मास्टर मुजाहिद आलम के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ किशनगंज के बहादुरगंज, बिशनपुर और कोचाधामन समेत विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, पूर्णिया जिले के रौटा थाना में भी प्राथमिकी दर्ज है।
आरोपियों के खिलाफ कुल सात मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस ठगी से हजारों युवा प्रभावित हुए हैं और ठगी की कुल राशि अरबों रुपये तक पहुंच सकती है।
पुलिस की कार्रवाई से मिली कुछ राहत
मामले के सामने आने के बाद पुलिस की सक्रियता से कुछ पीड़ितों को राहत भी मिली है। मास्टर मुजाहिद आलम ने बताया कि:
- मलेशिया में फंसे करीब 25 युवाओं को 53-53 हजार रुपये वापस दिलाए गए।
- दुबई में फंसे सात युवाओं को पुलिस की मदद से वापस लाया गया और उनके पैसे व पासपोर्ट लौटाए गए।
पूर्व विधायक ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार और एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की प्रशंसा की है। उन्होंने मांग की है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।