किशनगंज में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर दिखा साम्प्रदायिक सद्भाव, बच्चों ने राधा-कृष्ण बनकर बांधा समां

किशनगंज में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के वार्ड संख्या 30 स्थित प्राथमिक विद्यालय डुमरिया में गुरुवार को यह कार्यक्रम हुआ। इस आयोजन में विभिन्न समुदायों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने आपसी भाईचारे और साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की। उनकी प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना दिया।
पौराणिक पात्रों की मनमोहक प्रस्तुतियां
स्कूली बच्चों ने राधा, कृष्ण, सुदामा और गोपियों के रूप में प्रस्तुतियां दीं। दिवाकर बर्मन कृष्ण और रुख्सार राधा बने। नाजिया परवीन और नीतू कुमारी गोपी के रूप में नजर आईं। बाबू मलिक ने सुदामा की भूमिका निभाई। आर्या दास और सोहिल बाबू ने सखा की भूमिका निभाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अलग-अलग समुदायों के बच्चों ने मिलकर जन्माष्टमी का उत्सव मनाया। इससे विद्यालय परिसर में सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का संदेश मिला।
शिक्षिका का बयान
विद्यालय की प्रधान शिक्षिका डॉ. पुष्पांजलि ने सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कृति और परंपराओं की समझ विकसित होती है। इससे आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।