किशनगंज: अब केसीसी से पशुपालन और मछलीपालन भी होगा आसान!

किशनगंज में नाबार्ड की बैठक में किसानों के लिए बड़ी खबर। अब केसीसी के जरिए पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए भी आसानी से मिलेगा ऋण।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज: अब केसीसी से पशुपालन और मछलीपालन भी होगा आसान!

किशनगंज जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नाबार्ड द्वारा आयोजित बैंकर्स जागरूकता बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का दायरा केवल फसलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पशुपालन और मत्स्यपालन से भी जोड़ा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में संस्थागत ऋण की पहुंच को बढ़ाना है।

केसीसी का दायरा बढ़ा, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

बैठक के दौरान अधिकारियों ने जोर दिया कि बैंकों को पात्र किसानों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करना चाहिए। अब तक केसीसी मुख्य रूप से फसल उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता था, लेकिन अब पशुपालन और मछलीपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसके माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। इससे किसानों को अपनी जरूरतों के अनुसार आसानी से ऋण मिल सकेगा।

इन क्षेत्रों में बढ़ेगी आय: अनानास और ड्रैगन फ्रूट पर विशेष नजर

किशनगंज की कृषि संभावनाओं को देखते हुए बैठक में कुछ विशेष क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहाँ परियोजना आधारित वित्तपोषण को प्रोत्साहित किया जाएगा:

  • अनानास और ड्रैगन फ्रूट: इन फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को विशेष ऋण सहायता देने पर चर्चा हुई।
  • मत्स्यपालन और चाय: इन क्षेत्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए बैंकों को ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • पशुपालन: डेयरी और अन्य पशुपालन गतिविधियों को भी केसीसी के दायरे में लाने की तैयारी है।

छोटे किसानों के लिए जेएलजी और एफपीओ का सहारा

छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संयुक्त देयता समूह (JLG) के गठन और उन्हें बैंकों से जोड़ने पर विचार किया गया। इसके अलावा, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), क्लस्टर विकास और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं में बैंकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है ताकि ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकें।

बैंकों को नियमों के पालन की सख्त हिदायत

नाबार्ड के डीडीएम पुष्कर चौधरी ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऋण स्वीकृति और वितरण के दौरान निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने दस्तावेजों की गहन जांच करने और संभावित अनियमितताओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार और जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न बैंकों और विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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