किशनगंज: अवैध कार्यों में मिलीभगत और वाहनों को छोड़ने के आरोप में कोढ़ोबाड़ी के अपर थानाध्यक्ष सस्पेंड

किशनगंज जिले में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। कोढ़ोबाड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ सांठ-गांठ करने और जब्त किए गए वाहनों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के छोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
भ्रष्टाचार और संदिग्ध आचरण के आरोप
पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई इस कार्रवाई के पीछे कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रमोद कुमार यादव पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
- अवैध उगाही और रिश्वतखोरी: आरोप है कि वे निजी स्वार्थ के लिए अवैध कार्यों में संलिप्त लोगों से सांठ-गांठ कर रहे थे।
- कर्तव्य में घोर लापरवाही: पुलिस की कार्यप्रणाली में ढिलाई बरतने और संदिग्ध आचरण करने के आरोप भी उन पर लगे हैं।
- कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी: जब्त किए गए वाहनों को बिना किसी कागजी कार्रवाई या थाना दैनिकी में प्रविष्टि किए बिना ही मुक्त कर दिया जाता था।
तीन बड़ी घटनाएं जिनसे खुला राज
कोढ़ोबाड़ी थानाध्यक्ष द्वारा एसपी को दिए गए लिखित प्रतिवेदन में तीन प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जो प्रमोद कुमार यादव की संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि करते हैं:
- मोटरसाइकिल का मामला: 5 सितंबर 2026 की रात लोहागाड़ा चौक से एक लावारिस मोटरसाइकिल पकड़ी गई थी, जिसे एसएसबी कैंप कंचनबाड़ी में रखा गया था। आरोप है कि अगले ही दिन पुलिस अवर निरीक्षक ने बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के उस मोटरसाइकिल को छोड़ दिया।
- अवैध खाद से लदा पिकअप: 13 सितंबर को मद्यनिषेध छापेमारी के दौरान अवैध खाद से भरा एक पिकअप वाहन पकड़ा गया था। जब इसे थाने लाया जा रहा था, तब खरखरिया चौक के पास किसी वरीय अधिकारी को सूचित किए बिना ही इसे छोड़ दिया गया।
- बालू लदा ट्रैक्टर: 23 सितंबर को दिवा गश्ती के दौरान लक्ष्मीपुर नदी में अवैध खनन करते हुए एक ट्रैक्टर पकड़ा गया था, जिसमें बालू लदा था। इस वाहन को भी बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
जांच के घेरे में अधिकारी, 4 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने प्रमोद कुमार यादव को 24 सितंबर 2026 से निलंबित कर दिया है और उन्हें 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02, किशनगंज को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें 4 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' की नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।