श्रमिकों के लिए खुशखबरी! नए श्रम कोड से मिलेगा वेतन और सुरक्षा का कवच
किशनगंज में चार नए श्रम कोड पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। जानें कैसे मिलेंगे उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार।

किशनगंज में श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त बनाने और उन्हें उचित मजदूरी व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार को किशनगंज में चार नए श्रम कोड पर एक दिवसीय जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और नियोक्ताओं को उनकी कानूनी जिम्मेदारियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस सत्र में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए किए गए नए प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
29 कानूनों का हुआ एकीकरण: 2025 से लागू होंगे नए नियम
प्रशिक्षण के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि भारत सरकार ने पहले के 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित कर अब चार व्यापक श्रम संहिताओं में व्यवस्थित कर दिया है। ये नई संहिताएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी होने जा रही हैं। इनका मुख्य लक्ष्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इन चार संहिताओं में क्या है खास?
कार्यक्रम में चारों श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों को विस्तार से समझाया गया, जो भविष्य में श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे:
- मजदूरी संहिता 2019: इसके तहत न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, समय पर वेतन भुगतान करने और समान कार्य के लिए समान पारिश्रमिक देने पर विशेष जोर दिया गया है।
- औद्योगिक संबंध संहिता 2020: यह संहिता श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा औद्योगिक विवादों के प्रभावी समाधान के लिए बनाई गई है।
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: इसमें संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। विशेष रूप से, इसमें गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए भी सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020: यह संहिता सुरक्षित कार्यस्थल, नियमित स्वास्थ्य जांच, नियुक्ति पत्र और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
प्रवासी श्रमिकों के कल्याण पर विशेष जोर
प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित रहा। अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, नियोक्ताओं को भी यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि उन्हें इन कानूनी दायित्वों का कड़ाई से पालन करना होगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उप श्रम आयुक्त (पूर्णिया प्रमंडल), उप श्रम आयुक्त (मुख्यालय), जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक, नियोजक प्रतिनिधि और विभिन्न श्रमिक संघों के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी और श्रमिक उपस्थित थे।