किशनगंज मंडल कारा छापेमारी: तड़के 170 पुलिसकर्मियों ने खंगाली बैरकें
किशनगंज मंडल कारा में प्रशासन की बड़ी छापेमारी हुई। जिलाधिकारी और एसपी के नेतृत्व में 170 पुलिसकर्मियों ने जेल की बैरकों में मोबाइल और नशीले पदार्थों की तलाश की।

किशनगंज के मंडल कारा में रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक किशनगंज मंडल कारा छापेमारी शुरू कर दी। सुबह करीब 4 बजे शुरू हुए इस सघन तलाशी अभियान ने जेल प्रशासन के होश उड़ा दिए।
सुबह 4 बजे शुरू हुआ महा-अभियान
जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के संयुक्त नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। इस अभियान में करीब 170 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की भारी फौज शामिल थी। टीम ने जेल की हर एक बैरक, कैदी वार्ड और परिसर के कोने-कोने को बारीकी से खंगाला।
बड़े अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
इस छापेमारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिले के आला अधिकारी मौजूद थे। अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी निम्नलिखित थे:
- अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), किशनगंज
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO)-1 और 2
- पुलिस उपाधीक्षक (DSP) - रक्षित, मुख्यालय, साइबर और यातायात
इन अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल ने जेल के भीतर व्यापक स्तर पर तलाशी ली और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
मोबाइल और नशीले पदार्थों की तलाश
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर अवैध रूप से चल रहे मोबाइल फोन, मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की मौजूदगी का पता लगाना था। अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक अनुशासन की वास्तविक स्थिति की जांच करने के लिए यह कदम उठाया।
क्या बरामद हुआ?
घंटों तक चले इस सघन तलाशी अभियान के बावजूद, प्रशासन को जेल के भीतर से कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मंडल कारा की सुरक्षा, बंदियों पर निगरानी और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।