किशनगंज: साथी की हत्या के दोषी चंदन मल्लिक को मिली उम्रकैद
किशनगंज के मिलनपल्ली में सफाईकर्मी की हत्या के मामले में अदालत ने चंदन मल्लिक को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

बिहार के किशनगंज जिले में एक साथी की बेरहमी से हत्या करने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मिलनपल्ली इलाके में किराये के कमरे में रहने वाले एक सफाईकर्मी की हत्या के दोषी चंदन मल्लिक को न्यायालय ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
लोहे की खंती से किया था जानलेवा हमला
यह पूरी घटना 7 फरवरी 2024 की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, किशनगंज शहर के मिलनपल्ली स्थित शिवनाथ मल्लिक के मकान में चंदन मल्लिक और सफाईकर्मी राजकुमार मरीक किराये के दो कमरों में एक साथ रहते थे। घटना की शाम करीब सात बजे, मकान में किराये पर रहने वाली वीणा ने शोर मचाया कि चंदन मल्लिक, राजकुमार के साथ मारपीट कर रहा है।
शोर सुनकर सूचक विकास कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने चंदन मल्लिक को घटनास्थल से भागते हुए देखा। जब वे कमरे के पास पहुंचे, तो राजकुमार मरीक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। उनके चेहरे पर लोहे की खंती से हमला किया गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
अदालत का कड़ा फैसला और जुर्माना
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता तिवारी की अदालत ने इस मामले की सुनवाई की। किशनगंज थाना कांड संख्या 50/2024 और सत्र वाद संख्या 113/2024 से जुड़े इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रणव कुमार ने कुल 10 गवाहों के बयान और साक्ष्य पेश किए।
प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने चंदन मल्लिक को हत्या का दोषी पाया। सजा के संबंध में अदालत ने निम्नलिखित आदेश दिए:
- आजीवन कारावास: दोषी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
- आर्थिक दंड: दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- अतिरिक्त कारावास: यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायिक निर्णय का महत्व
अदालत के इस फैसले को शहर में हुई हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाकर समाज को एक कड़ा संदेश दिया है।