नाबालिग से यौन अपराध के दोषी को उम्रकैद, लगेगा भारी जुर्माना
किशनगंज की पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से यौन अपराध के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर जुर्माना और पीड़िता को मुआवजे का आदेश दिया गया है।

किशनगंज की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग के साथ यौन अपराध करने के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी धिरेन्द्र लाल हरिजन को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है और पीड़िता के लिए मुआवजे का आदेश दिया है।
देहरादून ले जाकर किया था अपराध
यह मामला किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी धिरेन्द्र लाल हरिजन ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उत्तराखंड के देहरादून ले जाया था और वहां उसके साथ यौन अपराध किया था। इस मामले में 28 अक्टूबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जुर्माना और मुआवजे का आदेश
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपचंद पांडेय की अदालत ने सजा सुनाते हुए दोषी पर 1.72 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि दोषी यह जुर्माना जमा करने में विफल रहता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।
न्याय सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह के अनुसार, अदालत ने बिहार सरकार के माध्यम से पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों का परीक्षण कराया गया। गवाहों के बयान और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को धिरेन्द्र लाल हरिजन को दोषी करार दिया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 30 नवंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंततः दोषी को उम्रकैद की सजा मिली।