किशनगंज पुलिस का डिजिटल अवतार: 24 थानों में अब कंप्यूटर से होगी जांच
किशनगंज पुलिस अब डिजिटल तकनीक से अपराध पर लगाम लगाएगी। 24 थानों में कंप्यूटर और ई-साक्ष्य ऐप के जरिए जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाया जा रहा है।

किशनगंज जिले में अपराध नियंत्रण और अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अब पूरी तरह से तकनीक का सहारा ले रही है। जिले की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है, जिसके तहत अब जिले के 24 थानों में कंप्यूटर के माध्यम से कामकाज शुरू हो चुका है। इस कदम से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जांच की गति भी बढ़ेगी।
CCTNS के जरिए 10 साल का डेटा हुआ डिजिटल
पुलिस की इस नई व्यवस्था के तहत क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के माध्यम से पिछले 10 वर्षों के महत्वपूर्ण डेटा को कंप्यूटर में अपलोड कर दिया गया है। अब किसी भी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के मात्र 24 घंटे के भीतर उसे ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाता है।
इस डिजिटल रिकॉर्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि:
- पुलिसकर्मियों को पुराने मामलों और अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल जाती है।
- मामलों की जानकारी उपलब्ध कराना अब पहले से कहीं अधिक पारदर्शी हो गया है।
- जांच के दौरान पुराने आपराधिक रिकॉर्ड्स को खंगालना अब बेहद आसान हो गया है।
ई-साक्ष्य ऐप और वीडियोग्राफी से मिटेगा सबूतों के साथ छेड़छाड़ का डर
डिजिटल पुलिसिंग के तहत अब केवल कागजी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि घटनास्थल पर भी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जांच को पुख्ता करने के लिए अब पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मोबाइल से वीडियोग्राफी कर रहे हैं।
इसके साथ ही, ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से सबूतों को डिजिटल रूप में दर्ज कर सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे साक्ष्यों के खोने या उनके साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका कम हो जाएगी, जिससे अनुसंधान के दौरान डिजिटल साक्ष्यों का बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकेगा।
पुलिसकर्मियों को मिली आधुनिक सुविधाएं और ट्रेनिंग
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। जांच प्रक्रिया को तकनीकी सहायता देने के लिए पुलिसकर्मियों को लैपटॉप और एंड्रॉयड फोन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके अलावा, कंप्यूटर आधारित कार्यों के संचालन के लिए दक्ष पुलिसकर्मियों और कार्यपालक सहायकों की तैनाती की गई है। साथ ही, अनुसंधानकर्ताओं (Investigators) को इस नई तकनीक को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
"किशनगंज पुलिस को लगातार सशक्त और आधुनिक बनाया जा रहा है। सामान्य पुलिसिंग के साथ कंप्यूटर आधारित कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान को प्रभावी बनाना, दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करना और आम लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।"
— संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक