किशनगंज: लापरवाही पर दो दारोगा सस्पेंड, दो को नोटिस

किशनगंज जिले में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासनहीनता और ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार का डंडा चला है। एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पुलिस अवर निरीक्षकों (दारोगाओं) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जांच में मिली खामियां और ड्यूटी से अनुपस्थिति
रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई विभिन्न मामलों की समीक्षा और औचक निरीक्षण के दौरान की गई। सबसे पहले, 30 सितंबर को कोचाधामन थाने के एक मामले (कांड संख्या 445/26) की समीक्षा के दौरान पाया गया कि पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार द्वारा किया गया अनुसंधान संतोषजनक नहीं था। अनुसंधान में कई गंभीर त्रुटियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें कर्तव्यहीनता, मनमानेपन और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
इसी तरह, 1 अक्टूबर को पौआखाली थाने के औचक निरीक्षण के दौरान अपर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। इस मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक, ठाकुरगंज से कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें भी कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सादे लिबास में घूमते मिले पुलिसकर्मी
एसपी की सख्ती यहीं नहीं रुकी। 3 अक्टूबर को क्षेत्र भ्रमण के दौरान जब एसपी संतोष कुमार पहाड़कट्टा थाना के छतरगाछ कैम्प पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। निरीक्षण के दौरान न तो कोई पुलिस अधिकारी वर्दी में मिला और न ही फरियादियों की सुनवाई के लिए कोई तैनात था।
कैम्प प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक कुन्दन कुमार और पीटीसी कृष्णलाल देव को निर्धारित स्थान पर होने के बजाय सादे लिबास में इधर-उधर घूमते हुए पाया गया। इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसपी ने दोनों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग में लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' (Zero Tolerance) की नीति लागू है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।