ऑपरेशन मुस्कान: किशनगंज पुलिस ने बरामद किए 53 चोरी के मोबाइल
किशनगंज पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 53 चोरी के मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाया। जानें कैसे हुई यह बड़ी सफलता।

किशनगंज पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के जरिए पुलिस ने चोरी हुए, खोए हुए और गुम हुए कुल 53 मोबाइल फोन बरामद करने में कामयाबी पाई है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपये बताई जा रही है।
एसपी संतोष कुमार के मार्गदर्शन में गठित एक विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया, जिससे इन मोबाइल फोनों को ट्रैक करना संभव हो सका। गुरुवार को एसपी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एसपी संतोष कुमार ने इन 53 मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को सौंप दिया।
अप्रैल से अब तक की बड़ी उपलब्धि
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, किशनगंज जिले में अप्रैल 2026 से अब तक कुल 159 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इन सभी बरामद किए गए फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख 20 हजार रुपये है।
इन इलाकों से हुई मोबाइल की बरामदगी
पुलिस ने जिले के 15 अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अधिकार क्षेत्र से इन मोबाइल फोनों को बरामद किया है। बरामदगी का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
- किशनगंज थाना: 16 मोबाइल
- कोचधामन: 8 मोबाइल
- कुर्लीकोट: 7 मोबाइल
- ठाकुरगंज: 4 मोबाइल
- साइबर थाना: 3 मोबाइल
- दिघलबंक: 3 मोबाइल
- गलगलिया, बहादुरगंज और अरराबारी: 2-2 मोबाइल
- अन्य थानों से: पोथिया, तेधागाछ, सुखानी, पौआखली, कोडहोबारी, फतेहपुर और पहाड़कट्टा से 1-1 मोबाइल बरामद किया गया।
टीम को मिलेगा इनाम, जनता से अपील
एसपी संतोष कुमार ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली जिला इंटेलिजेंस यूनिट और संबंधित थाना अधिकारियों के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने घोषणा की है कि इस उत्कृष्ट कार्य के लिए टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
किशनगंज पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनका कोई मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो वे बिना देरी किए नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दें। इसके अलावा, अपने डिवाइस को ट्रैक करने या ब्लॉक करने के लिए केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर भी तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।