300 साल पुरानी रेस कोर्स मस्जिद पर संकट, सांसद ने केंद्रीय मंत्री से मांगी मदद
किशनगंज की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की आशंका और बिजली-पानी की समस्या को लेकर सांसद ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

बिहार के किशनगंज में स्थित करीब 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की आशंका और वहां बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने के मामले ने अब केंद्रीय स्तर तक तूल पकड़ लिया है।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा है। सांसद ने अपने पत्र के माध्यम से मस्जिद से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेखों और कानूनी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराने का पुरजोर आग्रह किया है।
"ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण, कानून के शासन का सम्मान और धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।"
धरोहर के संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं की मांग
सांसद ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से पहले सभी संबंधित तथ्यों की गहन जांच होनी चाहिए और विधिसम्मत प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है:
- ऐतिहासिक पहचान का संरक्षण: रेस कोर्स मस्जिद की प्राचीनता और इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके अस्तित्व को बचाने की मांग की गई है।
- बुनियादी सुविधाओं का संकट: मस्जिद में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया है।
- निष्पक्ष जांच की मांग: मस्जिद से जुड़े कानूनी और ऐतिहासिक दस्तावेजों की पारदर्शिता के साथ जांच करने पर जोर दिया गया है।
सांसद की इस पहल के बाद अब मस्जिद से जुड़े इस मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा तेज होने की संभावना है। अब सबकी नजरें केंद्रीय मंत्री के अगले कदम और संबंधित तथ्यों की जांच पर टिकी हैं।