किशनगंज: सदर अस्पताल में 25 महिलाओं का फ्री अल्ट्रासाउंड, हुई बड़ी बचत

Ghazala Saheb9 October 20262 min read0 viewsBihar
किशनगंज: सदर अस्पताल में 25 महिलाओं का फ्री अल्ट्रासाउंड, हुई बड़ी बचत

किशनगंज के सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अस्पताल में 25 गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत दिलाना है।

गरीब परिवारों को मिली बड़ी राहत

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जांचों और दवाओं पर होने वाला खर्च गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर एक बार जांच कराने के लिए लगभग एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। सदर अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से इन महिलाओं को बड़ी आर्थिक सहायता मिली है।

जांच के लिए पहुंची एक महिला ने बताया कि बाहर अल्ट्रासाउंड कराना उनके जैसे गरीब परिवार के लिए बहुत मुश्किल था, क्योंकि इतने पैसे जुटाना कठिन होता है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त मिलने से उन्हें काफी सुकून मिला है।

डॉक्टरों द्वारा की गई विशेष जांच

अस्पताल की महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन ने इन महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की। अल्ट्रासाउंड के माध्यम से गर्भस्थ शिशु की वृद्धि और उसकी स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।

अल्ट्रासाउंड से चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार गर्भस्थ शिशु की वृद्धि और स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है। इससे उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की पहचान कर समय रहते विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की व्यवस्था की जा सकती है।

प्रशासनिक निर्देश और अभियान का महत्व

जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देशानुसार, जिले में गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को समय रहते पहचानना है ताकि मां और नवजात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अभियान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

  • विशेष तिथियां: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने की 9 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
  • मुख्य उद्देश्य: संभावित जटिलताओं की समय पर पहचान करना और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा: नियमित जांच और आवश्यक उपचार के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना।
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