किशनगंज सदर अस्पताल की बड़ी तैयारी: नवंबर में होगा क्वालिटी टेस्ट
किशनगंज सदर अस्पताल में नवंबर में कायकल्प और NQAS मूल्यांकन होने जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

किशनगंज सदर अस्पताल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए कमर कस चुका है। अस्पताल प्रशासन ने आगामी नवंबर माह में होने वाले दो महत्वपूर्ण गुणवत्ता मूल्यांकन कार्यों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
अस्पताल में 2 नवंबर को कायकल्प मूल्यांकन और उसके अगले दिन 3 नवंबर को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का परीक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
कायकल्प मूल्यांकन: स्वच्छता और प्रबंधन पर नजर
डीपीएम डॉ. मुनाज़िम ने बताया कि कायकल्प मूल्यांकन के दौरान अस्पताल परिसर, वार्डों की स्थिति, साफ-सफाई, पीने के पानी की सुविधा, संक्रमण नियंत्रण और बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, अस्पताल के सामान्य रखरखाव की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
DQAC सुमन सिन्हा ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का लक्ष्य स्वच्छता को अस्पताल की कार्य संस्कृति का एक स्थायी हिस्सा बनाना है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को एक सुरक्षित वातावरण मिल सके।
NQAS मूल्यांकन: इलाज की गुणवत्ता की होगी जांच
NQAS मूल्यांकन के तहत चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का राष्ट्रीय मानकों के आधार पर आकलन किया जाएगा। इसमें निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी:
- मरीज पंजीकरण और चिकित्सा परामर्श
- उपचार प्रोटोकॉल और दवाओं की उपलब्धता
- प्रयोगशाला जांच (लैबोरेटरी डायग्नोस्टिक्स) और आपातकालीन सेवाएं
- प्रसूति देखभाल (मैटर्निटी केयर) और मरीज की सुरक्षा
- अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के अधिकार
इस मूल्यांकन का उद्देश्य अस्पताल में जवाबदेही, पारदर्शिता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
प्रशासन का निर्देश: मानकों को पूरा करने पर जोर
सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. मंजर आलम ने सभी विभागों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सेवाओं और बुनियादी ढांचे को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अनुकूलित करें। उनका कहना है कि लक्ष्य केवल मूल्यांकन पास करना नहीं, बल्कि मरीजों को निरंतर स्वच्छ वातावरण और विश्वसनीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने इन मूल्यांकनों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि वंचित और सामान्य परिवारों को सुरक्षित, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिले। उन्होंने सभी अधिकारियों को बेहतर समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया है।