किशनगंज में सुरक्षित मातृत्व की बड़ी कामयाबी: 14,095 संस्थागत प्रसव दर्ज
किशनगंज स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि! 14,095 संस्थागत प्रसव और हजारों महिलाओं का प्रसव पूर्व पंजीकरण। जानें कैसे सुरक्षित हो रही हैं मां और शिशु।

किशनगंज जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल रंग ला रही है। जिले में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में आई तेजी ने स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साबित किया है।
प्रसव पूर्व जांच और पंजीकरण में भारी सुधार
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक जिले में 36,071 नई गर्भवती महिलाओं ने प्रसव पूर्व जांच के लिए अपना पंजीकरण कराया है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता का ही परिणाम है कि 24,972 महिलाओं ने गर्भावस्था की पहली तिमाही में ही अपना पंजीकरण करा लिया है, जिससे स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान संभव हो पा रही है।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के महत्वपूर्ण आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल संस्थागत प्रसव: 14,095
- सिजेरियन प्रसव की संख्या: 105
- चार या अधिक बार प्रसव पूर्व जांच कराने वाली महिलाएं: 37,676
एनीमिया की पहचान और पोषण पर विशेष फोकस
महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए विभाग ने व्यापक स्तर पर हीमोग्लोबिन परीक्षण अभियान चलाया है। अब तक 44,312 महिलाओं का चार या उससे अधिक बार हीमोग्लोबिन टेस्ट किया जा चुका है, ताकि एनीमिया की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
पोषण सहायता के तहत विभाग द्वारा आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है:
- 37,426 महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड की 180 गोलियां उपलब्ध कराई गईं।
- 37,136 महिलाओं को कैल्शियम की 360 गोलियां प्रदान की गईं।
प्रशासन की प्राथमिकता: सुरक्षित प्रसव और जागरूकता
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि समय पर पंजीकरण, नियमित जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
इस पूरी मुहिम में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि गर्भावस्था का पता चलते ही तुरंत पंजीकरण कराएं और प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को ही प्राथमिकता दें।