किशनगंज में माफियाओं की खैर नहीं! अवैध संपत्ति होगी जब्त, एसपी सख्त
किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अवैध संपत्ति जब्त करने और तस्करी रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

बिहार के किशनगंज जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार ने अपराधियों, माफियाओं और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा अभियान चलाने का ऐलान किया है।
हाल ही में आयोजित एक अपराध गोष्ठी और पुलिस सभा के दौरान एसपी ने सभी थानाध्यक्षों, पुलिस निरीक्षकों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
माफियाओं पर वार: अवैध संपत्ति होगी कुर्क
एसपी ने माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बीएनएसएस (BNSS) की धारा 107 के तहत कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराधियों द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्ति को जब्त किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय माफियाओं के सफाए का निर्देश दिया:
- शराब और मादक पदार्थों की तस्करी
- लॉटरी और मानव तस्करी
- पशु तस्करी और ड्रग्स का कारोबार
- बालू माफिया और भू-माफिया
- इंट्री माफिया
पुलिसकर्मियों को चेतावनी और नई व्यवस्था
अपराध रोकने के साथ-साथ एसपी ने पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी थाने या चौकी में अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बड़े पैमाने पर बरामदगी या खुलेआम बिक्री की सूचना मिलती है, तो संबंधित थानाध्यक्ष और चौकीदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए जिले में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को अपना अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, अब थानाध्यक्ष बनने के इच्छुक अधिकारियों के लिए एसएचओ टेक्निकल एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।
विशेष टीमों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
महिला अपहरण और दो महीने से अधिक पुराने गुमशुदगी के मामलों के त्वरित अनुसंधान के लिए विशेष टीम एएचटीयू (AHTU) को जिम्मेदारी दी गई है। एसपी ने निर्देश दिया कि यदि निर्धारित समय में बरामदगी नहीं होती है, तो संबंधित अनुसंधानकर्ता और थानाध्यक्ष पर गाज गिरेगी।
पुरस्कार और जवाबदेही: 43 जांचकर्ता सम्मानित, 12 थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण
बैठक के दौरान बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित भी किया गया। बेहतर अनुसंधान और कांडों के निष्पादन के लिए दो थानाध्यक्षों और 43 अनुसंधानकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया। वहीं, कार्य में लापरवाही बरतने वाले 12 थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके अलावा, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) मनीष कुमार साह को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
"नागरिक मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना एएनटीएफ हेल्पलाइन नंबर 9031816150 पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।" — एसपी संतोष कुमार
आगामी त्योहारों जैसे दीपावली, कालीपूजा और छठ पर्व को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने, नियमित गश्ती करने और भूमि विवादों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।