बिना मान्यता वाले निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
किशनगंज डीएम ने बिना मान्यता वाले निजी स्कूलों को चिह्नित करने और 15 दिनों के भीतर सत्यापन रिपोर्ट अपलोड करने का आदेश दिया है।

किशनगंज जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सोमवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना मान्यता वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें बंद कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
मान्यता के लिए 15 दिनों की सख्त समय-सीमा
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को आदेश दिया है कि जो निजी स्कूल मान्यता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं, उनका सत्यापन कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सत्यापन के बाद 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड कर दी जाए।
दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष निर्देश
बैठक के दौरान दिव्यांग बच्चों के कल्याण पर भी चर्चा की गई। डीएम ने दिव्यांग बच्चों की चिकित्सकीय जांच, प्रमाणन और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की समीक्षा की। उन्होंने प्रखंडवार आयोजित शिविरों में कम पंजीकरण पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- विद्यालयवार दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया जाए।
- उनका यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनवाया जाए।
- जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) को सौंपी गई है।
लैब, स्मार्ट क्लास और जर्जर भवनों पर निगरानी
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने आईएसएम लैब और स्मार्ट क्लास के संचालन की निगरानी हेतु गूगल शीट तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, जिले के 11 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा की भी नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से, डीएम ने विद्यालय परिसरों में स्थित जर्जर भवनों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि:
- बिना भवन वाले उत्क्रमित उच्च विद्यालयों की गहन जांच की जाए।
- जर्जर भवनों को विद्यालय शिक्षा समिति के प्रस्ताव के बाद घोषित किया जाए।
- कनीय अभियंता की उपस्थिति में ही इन भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, जिन स्कूलों में पीसीबी लैब निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां बीएसईआईडीसी के उप प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।