किशनगंज: नए और छूटे हुए मतदाताओं के लिए विशेष अभियान शुरू

किशनगंज जिले में लोकतंत्र की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिले में उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए एक विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किया गया है, जो अब तक नाम दर्ज कराने से चूक गए हैं। इस अभियान का मुख्य ध्यान विशेष रूप से युवा मतदाताओं और उन लोगों पर है जो किसी कारणवश मतदाता सूची का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन
इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों (बीएलओ) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर (H2H) सत्यापन करें। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान, जो भी व्यक्ति मतदाता बनने की सभी अर्हताएं पूरी करता पाया जाएगा, उनसे नियमानुसार प्रपत्र-6 भरवाया जाएगा ताकि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जा सके।
इस पूरे अभियान को पूरा करने के लिए प्रशासन ने एक महीने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बीएलओ को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
मजदूर कॉलोनियों और आश्रय स्थलों में लगेंगे विशेष कैंप
अभियान को अधिक समावेशी बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। समाज के उन वर्गों तक पहुँचने के लिए, जो अक्सर मुख्यधारा से छूट जाते हैं, विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- रात्रि आश्रय स्थल
- मजदूर कॉलोनियां
- गृहविहीन लोग
- कमजोर वर्ग के व्यक्ति
इन विशेष कैंपों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समाज के हर तबके के पात्र नागरिकों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से हो सके।
पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलों को मिलेगी सूची
प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए, अभियान के दौरान चिन्हित किए गए पात्र मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ भी साझा की जाएगी। अभियान की समाप्ति के बाद, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा मतदान केंद्रवार तैयार की गई अंतिम सूची भी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पूरे अभियान की नियमित निगरानी राज्य, जिला और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से की जा रही है। निर्वाचन विभाग ने “कोई मतदाता न छूटे” का संदेश देते हुए सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाएं और अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं।